कैथल। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ऋतु लाठर ने विभागीय जांच का सामना कर रहे एक क्लर्क पर उन्हें झूठे रिश्वत के मामले में फंसाने और जांच को प्रभावित करने के लिए पैसे का फर्जी लेनदेन दिखाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
मामले में डीडीपीओ की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने क्लर्क कुलदीप के खिलाफ प्राथमिक दर्ज जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार कुलदीप पहले डीडीपीओ कार्यालय कैथल में क्लर्क के पद पर तैनात था और करीब एक साल पहले उसका तबादला हो गया था। वर्तमान में वह बीडीपीओ कार्यालय कैथल में कार्यरत है। उसकी जन्मतिथि के लिए विभागीय स्तर पर जांच चल रही है।
आरोप है कि उसके दस्तावेजों में जन्मतिथि वर्ष 1984 के बजाय 1986 दर्ज कराई गई। सर्विस रिकॉर्ड की जांच में जन्मतिथि का मिलान नहीं होने पर विभाग की ओर से उससे जवाब मांगा गया था लेकिन उसने नोटिस का जवाब नहीं दिया।
11 अगस्त को डीडीपीओ के भाई को किया फोन : शिकायत में डीडीपीओ ने बताया कि विभागीय जांच उनके पास लंबित है। इसी बीच 11 अगस्त 2026 को कुलदीप ने उनके छोटे भाई अमित कुमार को फोन किया। उसने 50 रुपये के भुगतान का जिक्र किया और कहा कि वह दो लाख रुपये अमित कुमार के खाते में भेजेगा। उसने यह भी कहा कि उसकी इस संबंध में डीडीपीओ से बात हुई है।