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Kaithal News: पानी को तरस रहे किसान, खेतों में पड़ी दरारें

Sat, 13 Jul 2024 07:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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लायत। अब तक जिले में छिटपुट बारिश हुई है वहीं उपमंडल के किसान पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। उनका कहना है कि बारिश न होने की वजह से धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं।

किसान मामराज राणा, राजेंद्र, सतपाल, सोमपाल राणा, महावीर वशिष्ठ, शमशेर, सुशील, महेंद्र शर्मा व गौरव राणा का कहना है कि उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई तो कर दी पर पानी न होने के कारण वह सूखने के कगार पर हैं। न नहर में पानी आया और न ही इंद्रदेव की कृपा हुई। कलायत उपमंडल में अभी तक बरसात को बिल्कुल न के बराबर ही हुई है।
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किसानों ने कलायत के किसान फसल को सूखे से मरता देखने पर मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण लगाई हुई धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। सिरसा पैरलल माइनर में पानी आया ही नहीं। न ही सिंचाई विभाग ने किसानों को बरसाती मोघे अलॉट किए। इसके कारण से खेतों में खड़ी धान की फसल सूख गई है।
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उन्होंने सिंचाई विभाग से मांग की है कि बरसाती मोघे किसानों को दिए जाएं ताकि वे अपनी फसल को बचा सकें।

दूसरी ओर सिंचाई विभाग के एसडीओ सुमित मौण ने बताया कि वीरवार रात्रि में नहर में पानी आ गया है। धान की फसल के लिए किसानों को नीति अनुसार पानी मिलना शुरू हो गया। राईस सूट के बारे में उन्होंने बताया कि सरकारी नीति के अनुसार बरसाती मोघे के लिए किसान को 15 जून तक आवेदन करना होता है। जिन किसानों के आवेदन स्वीकार होते हैं उनको सरकारी नीति के अनुसार 25 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मोघे अलॉट कर दिए जाते हैं।
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