पाई। किसानों को डीएपी खाद न मिलने के बाद अब यूरिया खाद के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान कर्मवीर, विनोद, जसमेर, हरसोला से जसवीर, सेगा से रामकुमार और किसान नेता होशियार सिंह, अजीत सिंह, बलवान, धीरा पाई आदि ने बताया कि किसानों को खाद दुकानों पर अब यूरिया खाद भी नहीं मिल रही। उन्होंने डीएपी के अभाव में जैसे-तैसे अपनी गेहूं की बिजाई की है, परंतु दुकानदार अब यूरिया खाद से सरेआम जवाब दे रहे हैं। दुकानदारों और आढ़तियों द्वारा खाद को दवाई के साथ मिलाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूरिया खाद किसानों को प्रति बोरी 270 की देते है और तीन या चार बोरी के साथ एक थैली दवाई जबरदस्ती दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत 450 रुपये प्रति थैली रखी हुई है, जो किसानों के किसी काम की नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि वे कैथल, पूंडरी शहरों की दुकानों पर जबरदस्ती दवा बेचने पर कार्रवाई करें।