संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में एक तरफ तो पिछले करीब एक सप्ताह से राइस मिलरों की हड़ताल जारी है और दूसरी तरफ सरकारी खरीद न होने से नई अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान परेशान हैं। रविवार को छुट्टी होने के चलते अनाज मंडियों में केवल आवक ही हुई। इससे पहले शनिवार को भी धान में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि किसानों की ओर से विरोध प्रदर्शन करने के चलते केवल शुक्रवार को पहले दिन ही धान की सरकारी खरीद हो पाई थी। इसके बाद से पिछले दो दिन से धान की सरकारी खरीद का कार्य पूरी तरह से बंद है। वहीं, राइस मिलरों की हड़ताल के कारण 1509 किस्म के धान की भी खरीद नहीं हो पा रही है।
राइस मिलरों ने भी एक अक्तूबर से अपने आंदोलन को तेज करने का काम करेंगे। क्योंकि राइस मिलर इस सीजन से लागू होने वाली सीएमआर पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि पूरे जिले में पहले दिन केवल करीब 500 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी थी।
शनिवार को नमी की मात्रा रही अधिक तो नहीं हुई खरीद ः नई अनाज मंडी में पीआर धान लेकर पहुंचे कर्ण कुमार ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसियों ने शुक्रवार को पहले दिन तो कुछ किसानों की धान को खरीदा था। परंतु शुक्रवार रात के समय हुई बारिश के बाद कुछ धान भीगा था।
इसके बाद शनिवार को खरीद एजेंसियों ने धान में नमी की मात्रा अधिक बताई है। जबकि रविवार को छुट्टी के चलते धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। सरकार ने पहले से ही धान की सरकारी खरीद करने में देरी की है। ऐसे में किसानों पर एक आफत पड़ी है।
सोमवार को नहीं हुई धान खरीद तो फिर करेंगे प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेता सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि धान की सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों ने दो बार मार्केट कमेटी कार्यालय पर तालाबंदी की थी। इस तालाबंदी के बाद शुक्रवार को सरकार ने सरकारी खरीद तो शुरू की, लेकिन इसे अगले दिन शनिवार को ही बंद कर दिया। अब यदि सोमवार सुबह के समय धान की सरकारी खरीद न की गई तो वे फिर से मार्केट कमेटी कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।
राइस मिलर एसोसिएशन बोली- मांगें नहीं मानी तो परमल धान की खरीद कर देंगे बंद
हरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन मित्तल ने बताया कि यदि सरकार ने आगामी एक अक्तूबर तक सीएमआर पॉलिसी को लेकर उनकी मांगें नहीं मानी तो वह परमल धान की खरीद पूरी तरह से बंद कर देंगे। मित्तल ने कहा कि सरकार उन्हें गुमराह करने का काम कर रही है। अभी तक सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई विचार तक नहीं किया है।