संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पराली जलाने वाले किसानों को जेल भेजने के फैसले से किसान नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि पराली की व्यवस्था के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकारों ने उस फैसले को लागू नहीं किया।
उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट सबसे पहले राज्य सरकारों को उस फैसले को लागू करने का आदेश जारी करें। अगर सरकार किसानों को उन्नति की ओर लेकर जाना चाहता है तो हरियाणा व पंजाब में आई बाढ़ के कारण जो धान की फसल खराब हुई है उस पर दोनों राज्यों की सरकारें किसानों को एक लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देंवे। जिले में बाढ़ के कारण जो मकान ढह गए है उन्हें 10 लाख रुपए दिया जाए और मरने वालों को भी 10-10 लाख रुपये दिए जाए।