संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में किसानों ने कलायत के किसान चौक से एसडीएम कार्यालय तक ट्रैक्टर यात्रा निकाली। इस मौके पर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और तहसीलदार ढिल्लों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डल्लेवाल का लिखा पत्र सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुरेंद्र चौशाला ने कहा कि डल्लेवाल आमरण अनशन अपने परिवार के लिए नहीं बल्कि देश के किसान के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने किसानों की वकालत करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर एमएसपी के लिए कानून बनाने की मांग की थी। 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान भी नरेंद्र मोदी बार बार दावा करते थे कि प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद किए गए अपने वादे को भूल गए। उपेक्षा का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि 2020-21 में 378 दिन चले किसान आंदोलन को स्थगित करते समय केंद्र सरकार ने हर किसान के लिए एमएसपी सुनिश्चित करने समेत अनेक वायदे किए जो आज तक पूरे नही हुए। केंद्र सरकार एमएसपी कानून न बना कर देश के करोड़ों किसानों को गरीबी, कर्ज व मौत की और धकेल रही है। ऐसे में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल किसानों को बचाने के लिए अपनी शहादत देने के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं। किसान नेता ने कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है या अनशन के दौरान डल्लेवान की मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार होंगे।
किसान नेता जसबीर हरसोला ने कहा कि किसान अपनी मांगों को मनवाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं पर उनको खनौरी व शंभु बार्डर पर रोका गया। किसान भी तो देश का नागरिक है ऐसे में उसके साथ केंद्र अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसानों पर ताकत दिखा रही है और किसान उसे बर्दाश्त कर रहे हैं।
हरसोला ने कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। प्रदेश का किसान उनके स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह से चिंतित है। ज्ञापन के माध्यम से एमएसपी कानून बनाने की मांग की गई है। कलायत में प्रदर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर खनौरी बार्डर पर चले गए।