संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डाॅ.सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पराली प्रबंधन व अवशेषों में आग न लगाने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। किसान कृषि यंत्रों का प्रयोग कर पराली प्रबंधन के माध्यम से अपनी आय में बढ़ोत्तरी करें।
उपमंडल कृषि अधिकारी सतीश कुमार नारा की अध्यक्षता में विभाग द्वारा गांव टीक, सेगा, बलवंती, देवबन, सिरसल, बाकल, राजौंद में नुक्कड़ सभाएं व जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से किसानों को बताया कि कृषि यंत्रों जैसे बेलदार मशीन सुपर सीडर, मल्चर मशीन और कॉपर का उपयोग करके फसल अवशेष का कैसे उचित प्रबंध करना है। इनके प्रयोग से हमारे मिट्टी व वातावरण कैसे शुद्ध रहेंगे, इस बारे जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जो किसान आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग करके फसल अवशेषों का प्रबंधन करेंगे, उन किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगर कोई किसान फसल अवशेषों में आग लगाता हुआ मिला तो ऐसे किसानों पर सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए पांच हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा एफआईआर दर्ज होगी। उन खेतों के किला नंबरों की पहचान करके रेड एंट्री की जाएगी, जिसके कारण किसान आगामी दो सीजन तक अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाएगा और ना ही एमएसपी पर अपनी फसल बेच पाएगा।