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Kaithal News: मौसम की मार से किसानों के निकले आंसू

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मौसम की मार से किसानों के निकले आंसू
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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को अधिक नुकसान, गिरदावरी का मुआवजे की उठाई मांग
तापमान में भी चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीते रोज बारिश और ओलावृष्टि के बाद रविवार को मौसम साफ रहा, हालांकि ओले गिरने के कारण तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जिले के पूंडरी व राजौंद क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि होने से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान है।
जिले में एक लाख 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 20 हजार एकड़ में सरसों की फसल की बिजाई की गई है। बीते दिन बारिश से जिले में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसलों को नुकसान है और लगभग पांच हजार एकड़ में सरसों की फसलों को भी नुकसान का अनुमान है। रविवार को चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर शनिवार को हुई बारिश के बाद रविवार की सुबह मौसम साफ रहा। इस दौरान खेतों में पहुंचे किसानों ने नुकसान पर चिंता जताई। साथ ही सरकार से जल्द गिरदावरी कर मुआवजे की मांग उठाई।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि बीते दिन हुई बारिश पूरे जिले में दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश गुहला चीका क्षेत्र और कलायत में हुई है। कैथल में आठ एमएम, गुहला में 14 एमएम, कलायत में 14 एमएम, पूंडरी में नौ एमएम, ढांड में 04 एमएम, सीवन में आठ एमएम व राजौंद में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई है। औसतन जिले में लगभग 10 एमए बारिश दर्ज की गई है।
फसल की गिरदावरी कर मुआवजा दे सरकार-
बीते दिन हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन को जल्द गिरदावरी करानी चाहिए और बारिश से हुए नुकसान का किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान करना चाहिए। -युवा किसान मंजीत करोड़ा।

जल्द मुआवजे की घोषणा करे सरकार।-
मौसम की मार से सारी फसलों का बिछौना बन गया है। सरकार किसानों की फसलों की जल्द से जल्द गिरदावरी कराए और मुआवजे की घोषणा करे। किसानों पर दोनों तरफ से मार पड़ रही है। एक तरफ सरकार किसानों की मांगें नहीं मान रही और किसानों पर गोलियां बरसा रही है, दूसरी तरफ आसमान से ओले बरस रहे हैं। दोनों की मार किसानों पर पड़ रही है। -किसान सतपाल दिल्लोवाली।

फसल गिरने से उत्पादन होगा कम-
जिले में कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। इसके साथ तेज हवाओं के चलते खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई है। जो गेहूं बिछ गई है उनमें अब गेहूं का उत्पादन कम होगा। किसानों का जो खर्च है वह भी पूरा नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि मौके पर पहुंचकर गिरदावरी कराए और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मुआवजा दे। -किसान महाबीर चहल।

गेहूं की फसलों को हुआ 30 प्रतिशत नुकसान-
बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल को 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। सरकार को चुनाव से पहले किसानों के नुकसान की गिरदावरी करानी चाहिए और किसानों को मुआवजा देना चाहिए ताकि किसान कर्जे के नीचे न दबे। जिस प्रकार ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे किसानों को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होगी। -किसान केशा राम प्यौदा।
जिले में पूंडरी और राजौंद क्षेत्र में कई जगहों पर ओलावृष्टि होने की सूचना है। बारिश से जो नुकसान हुआ है उसकी जल्द से जल्द गिरदावरी की जाएगी। -बलवंत सहारण, कैथल कृषि उपनिदेशक।
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बारिश से हुए नुकसान की गिरदावरी कर मुआवजे की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। शनिवार को हुई तेज बरसात से किसानों की फसल को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से तत्काल गिरदावरी करवा कर मुआवजा देने की मांग की है। किसान करतारा राम, महावीर, डीसी ढुल, बलवान, रणधीर, बलवीर, धुप सिंह, नरेंद्र, राजा राम, दिलबाग ने बताया कि शनिवार को बहुत अधिक बरसात हुई है। बरसात के साथ तेज हवा चलने और कई जगह ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, सरसों आदि की फसल जमीन पर गिर गई है। उन्होंने कहा कि इस बरसात से किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। सरकार को चाहिए कि तत्काल गिरदावरी करवा कर मुआवजा दिया जाए।
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