संवाद न्यूज एजेंसी
पाई, पूंडरी/कैथल धान की सरकारी खरीद एक अक्तूबर से होनी है और अनाज मंडियों में धान पहुंच चुका है। सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को पाई और पूंडरी में जाम लगा दिया। इससे जनता परेशान हो गई। हालांकि बाद में अधिकारियों ने समझाकर किसानों को मनाया और तब कहीं जाकर जाम खुल सका।
नाराज किसानों ने पाई में पूंडरी-राजौंद मार्ग पर लगभग एक घंटा जाम लगाया। जानकारी मिलने पर मार्केट कमेटी के सचिव जोगिंद्र सिंह पेसिया और थाना पूंडरी प्रभारी बलबीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया और जाम खुलवाया। इस बीच जाम लगने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाराज किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंडियों में उनकी फसल व्यापारी औने-पौने दामों में खरीद कर रहे है। उन्होंने बताया कि अबकी बार जहां जमीन के ठेकों में भारी वृद्धि हुई है, वहीं, दूसरी ओर धान का उत्पादन व भाव भी कम है। उन्होंने सरकार से तत्काल उनकी धान की सरकारी खरीद चालू करने की मांग की है।
उधर, जाम की सूचना पाकर कमेटी सचिव एवं थाना पूंडरी प्रभारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया की उनकी मांग उच्च अधिकारियों के माध्यम से सरकार के पास भेज दी जाएगी। खरीद का निर्णय लेना सरकार का काम है। यदि सरकार एक तारीख से पहले खरीद करने की कहती है तो सरकार के कहे अनुसार खरीद शुरू कर दी जाएगी।
इसी प्रकार गुरु ब्रह्मनंद चौक पर भी किसानों ने जाम लगाकर गुस्सा दिखाया। यहां भी जनता परेशान हुई। करीब 30 मिनट तक चौक पर वाहनों की कतारें लग गई और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने किसानों को समझाकर जाम खोलने को राजी किया।
नाराज किसानों का कहना था कि पहले सरकार ने 23 सितंबर से धान की सरकारी खरीद की घोषणा की थी, लेकिन अब एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने की बात हो रही। लेकिन इस बीच किसानों को समस्या आ रही है, वे अपनी फसल को लेकर मंडियों में बैठे है उनकी फसल सरकार के सभी मानदंडों पर भी खरा उतर रही है लेकिन खरीद का इंतजार है।
किसानों को ये भी चिंता सता रही है कि एक अक्तूबर तक कही मौसम न खराब हो जाए और मंडियों और खेतों में खड़ा किसानों का धान खराब न हो जाए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की धान की खरीद जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की।
गौरतलब है कि सरकार ने पीआर धान का समर्थन मूल्य बी ग्रेड 2300 रुपये और ए ग्रेड का 2320 निर्धारित किया हुआ है। खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज किसानों का साफ कहना था कि यदि जल्द ही खरीद शुरू न की गई तो किसान कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।