। मोबाइल इंटरनेट बंद होने के कारण जैसे ही व्हाट्सएप, फेसबुक जैसी सोशल साइटों से जनसंपर्क का साधन बाधित हुआ, वैसे ही किसानों ने अपने परंपरागत तरीके अपना लिए हैं। इसके तहत गांव दर गांव जाकर जनसंपर्क की रणनीति अपना रहे हैं, वहीं फोन काल्स से दिल्ली मेें पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। शनिवार को भी जिले से दिल्ली जाने के लिए ट्रैक्टर लेकर लोगों का सिलसिला जारी रहा। पुलिस ने भी मार्च निकाल कर असामाजिक तत्वों को संदेश दिया गया है कि कोई भी गैर कानूनी गतिविधि हुई, पुलिस सख्ती से निपटेगी।
सरकार ने शुक्रवार को शाम से हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है। इस पाबंदी के बाद से शनिवार को भी पूरा दिन नेट नहीं चला और सोशल साइट्स के माध्यम से संदेशों का आदान प्रदान नहीं हो पाया। इस पर जिले से युवा भाकियू नेता मनजीत करोड़ा ने कहा कि सरकार ने केवल इंटरनेट बंद किया है, लेकिन किसानों को रणनीति बनानी आती है। पुराने तौर-तरीकों के अनुसार उनकी टीम अब गांव दर गांव जाकर गाड़ी के माध्यम से लोगों को अपडेट कर रही है और सीधा संपर्क करके दिल्ली जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दिल्ली आंदोलन की पल-पल की जानकारी के लिए वहां मौजूद किसानों से फोन पर कॉल की जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी गावं करोड़ा, ढांड, हजवाना, फिरोजपुर, सजूमा, गुलियाणा, कुराड़, दूब्बल, करोड़ा, नरड़, पाई से अनेकों ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
आंदोलन स्थल सिंघु बॉर्डर पर मौजूद भाकियू नेता विक्रम कसाना ने कहा कि लोगों की भीड़ बढ़ रही है। मोबाइल इंटरनेट पर रोक का ज्यादा असर नहीं दिखा। क्योंकि लोग फोन करके एक दूसरे से हालात की जानकारी ले रहे हैं और यहां अब आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है और मजबूत होता दिख रहा है। हर रोज हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर लोग यहां पहुंच रहे हैं और शनिवार के अनशन के बाद रविवार को होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक पर सभी की नजरें हैं कि आगामी क्या आदेश रहेंगे।
दूसरी ओर गांवों में पंचायतों का आयोजन कर किसान आंदोलन के लिए सहयोग की तैयारियां की जा रही हैं। जिले के बड़े गांव पाई में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें प्रति एकड़ के हिसाब से दो सौ रुपये की उगाही का फैसला लिया गया। साथ ही राशन व अन्य सामग्री देने का भी निर्णय लिया गया।