1केएलटी49: खरीद एजेंसी हैफेड के मंडी कार्यालय पर ताला जड़ते किसान
कलायत। धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से गुस्साए किसान यूनियन के सदस्यों और किसानों ने मार्केट कमेटी व हैफेड के मंडी कार्यालय पर ताले लगा दिए। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं व किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी भी की।
भाकियू जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि कलायत अनाज मंडी में 22 सितंबर से सरकारी खरीद की शुरूआत होनी थी पर वह समय पर नहीं हो पाई। कलायत मंडी में सरकारी खरीद की शुरूआत 29 सितंबर को हुई। खरीद शुरू होने के बावजूद भी खरीद एजेंसी द्वारा बहुत ही कम मात्रा में माल खरीदा जा रहा है। इसके अलावा किसान का धान एमएसपी पर भी नहीं खरीदा जा रहा।
किसान अपना माल लेकर बेचने के लिए बैठे रहे पर बुधवार को दोपहर तक भी हैफेड ने एक भी ढेरी की खरीद नहीं की। मामले को लेकर भाकियू ने मार्केट कमेटी सचिव व खरीद एजेंसी से बात की पर कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पर गुस्साय किसानों ने दोनों ही कार्यालयों पर ताला जड़ दिया। दोपहर बाद तक मंडी में प्रदर्शनों का दौर चलता रहा। करीब तीन बजे खरीद एजेंसी ने अनाज मंडी से किसानों के धान की ढेरियों की खरीद शुरू कर दी।
मिलर अलाट न होना बना है समस्या
खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर सुखदीप लोहान ने बताया की अभी तक भी कलायत अनाज मंडी के लिए मिलर अलाट न हो पाना सबसे बड़ी समस्या है। जिन मिलर ने आवेदन किया था उनके कागज अभी तक भी पूरे नहीं हुए। हैफेड मंडी से धान खरीद करके उसे भेजे कहां और कहां रखे। आज तीन बजे के करीब एक मिलर आया है उसके आते ही धान की खरीद शुरू करवा दी गई। उन्होंने कहा कि किसान के धान को एजेंसी द्वारा एमएसपी खरीदा जा रहा है। एसएसपी से कम खरीद एजेंसी धान की खरीद कर ही नहीं सकती। उन्होंने बताया की 29 सितंबर को 608 क्विंटल व 30 सितंबर को 2614 क्विंटल धान की खरीद हुई है। मिलरों के आ जाने के बाद खरीद कार्य पूरी तरह से गति पकड़ लेगा और किसान के धान का एक एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाऐगा।
1केएलटी48: मार्कीट कमेटी के मुख्यद्वार पर ताला लगाते किसान
1केएलटी49: खरीद एजेंसी हैफेड के मंडी कार्यालय पर ताला जड़ते किसान
1केएलटी50: किसानों के समझाते हैफेड मैनेजर