कलायत। खेड़ी लांबा और दुब्बल गांव में फसल अवशेष प्रबंधन की दिशा में अच्छा कार्य करने वाले किसानों को नगराधीश गुरविंद्र सिंह ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में लगभग 100 किसानों को सम्मानित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय अधिकारी शामिल हुए। सीटीएम ने इस पहल के लिए किसानों और डेलॉइट के प्रयासों की सराहना की और अधिक किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाने का आग्रह किया। नगराधीश गुरविंद्र सिंह ने कहा कि किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन करके और पराली नहीं जलाकर एक अनुकरणीय काम किया है। इस कार्य से दूसरे किसानों को भी प्रेरणा मिलती है। किसान पराली को आय का स्रोत बनाकर अपनी आय बढ़ा सकता है।
नगराधीश गुरविंद्र सिंह ने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार द्वारा ऐसे किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो फसल अवशेष प्रबंधन में अच्छा कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में किसानों को भी इसी तरह की पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार के लिए सर्वोत्तम फसल अवशेष प्रबंधन पद्धतियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। किसानों को मान्यता के प्रतीक के रूप में डेलॉइट द्वारा एक बैग और एक कप के साथ प्रशंसा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। इस अवसर पर सुखदेव सिंह, सोनू राम और कैथल में काम कर रही डेलॉइट की टीम भी मौजूद रही।