34-कैथल। नई अनाज मंडी में प्रदर्शन करते हुए मजदूर।
- फोटो : Kaithal
कैथल। इस बार धान के सीजन में किसानों पर तिहरी मार पड़ी है। पहले तो आढ़तियों ने हड़ताल कर दी। फिर बारिश हुई और अब राइस मिलरों की तरफ से खरीद शुरू करने के बाद कम भाव ने किसानों को मायूस किया है। शनिवार को ही जिला प्रशासन ने किसानों के विरोध को देखते हुए राइस मिलरों से खरीद शुरू करने का आग्रह किया था। इसके बाद नई अनाज मंडी में धान खरीद शुरू तो हुई, लेकिन किसानों को अच्छे भाव नहीं मिले। इससे किसानों में निराशा रही।
अनाज मंडी में 1509 किस्म का धान 3700 रुपये की बजाय तीन हजार से 3100 रुपये प्रति क्विंटल बिका। ऐसे में तमाम किसानों ने कैथल मंडी छोड़कर चीका मंडी की ओर रुख किया। रविवार को शहर के राइस मिलरों ने करीब 500 क्विंटल धान की खरीदा। दूसरी ओर राइस मिलरों द्वारा अपने लेबर से माल उठवाने पर प्रवासी मजदूरों ने विरोध जताया। मजदूरों का कहना था कि पहले तो आढ़तियों की हड़ताल के कारण उनका कार्य ठप हो गया। इसके बाद अब राइस मिलर अपने मिल
मजदूरों से उठान का कार्य करवा रहे हैं। हालांकि मार्केेट कमेटी सचिव के आश्वासन के बाद मजदूरों ने शाम के समय हड़ताल खोल दी। गौरतलब है कि नई अनाज मंडी में आढ़तियों की हड़ताल पिछले सात दिन से जारी है। इस कारण किसान परेशानी हैं।
दूसरी ओर गांव कसान निवासी किसान विक्रम ने बताया कि तीन एकड़ धान की कटाई कर मंडी में लेकर आया था। दो दिनों से वर्षा होने के कारण काफी नुकसान हुआ। फिर आढ़तियों की हड़ताल के कारण धान की खरीद नहीं हुई। पीआर धान की खरीद न होने के कारण फसल खराब हो गई है। धान अंकुरित होने लगा है। प्रति एकड़ आठ से 10 हजार रुपये का नुकसान है। वहीं, जो धान बिका उसका दाम कम मिला है।
गांव रोहेड़ियां निवासी किसान राजकुमार ने बताया कि चार दिनों से मंडी में धान लेकर बैठे हैं, खरीद नहीं हुई तो यहां से धान उठा कर चीका मंडी में गए। वहां जाकर धान बेचा। जब चीका मंडी में धान खरीदा जा रहा है तो यहां क्यों नहीं।
दूसरी ओर मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश ने कहा कि धान की खरीद का कार्य शुरू करवा दिया गया है। अब किसानों को परेशानी नहीं होगी। उधर, राइस मिल एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन मित्तल ने बताया कि नई अनाज मंडी में करीब 500 क्विंटल धान राइस मिलरों की तरफ से खरीदा गया।