फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दे सरकार

Tue, 24 Jan 2017 12:28 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
फैक्ट्री में काम करते मजदूर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
एक फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बजट को लेकर कृषि यंत्र उद्यमियों को सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद है। उद्यमियों का मानना है कि सरकार उपकरणों पर सब्सिडी की योजनाओं को बढ़ाए। ताकि किसानों को रियायती दरों पर आधुनिक उपकरण मिल सकें। उनका मानना है कि यदि टैक्स लगेगा तो किसानों को इसकी दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। इसके साथ-साथ ट्रांसपोर्ट में स्पेयर पार्ट्स बनाने वाले फैक्ट्री मालिकों ने भी टैक्स की लिमिट बढ़ाने की मांग की है। जिससे नोटबंदी की मार झेल रहे उनके व्यापार को नई गति मिल सके।
विज्ञापन


सब्सिडी की स्कीमों पर इंप्लीमेंटेशन करे सरकार
एग्रीकल्चर मशीनरी मेन्यूफैक्चर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जिंदल ने बताया कि कृषि यंत्रों में सरकार द्वारा जो सब्सिडी दी जाती है। उन स्कीमों के तहत उन्हें काफी समस्याएं आ रही है। जिसका सरकार इस बजट में इंप्लीमेंटेशन करे। स्कीमों में भ्रष्टाचार भी काफी है। अधिकारियों पर कुछ नियम बनाए जिससे भ्रष्टाचार में खात्मा होगा। उन्होंने बताया कि यदि सरकार जीएसटी के तहत स्लैब टैक्स लगाएगी तो किसानों को इसका काफी नुकसान होगा। क्योंकि ऐसा होने से कृषि यंत्रों के पांच से पंद्रह प्रतिशत दाम बढ़ेंगे।

बैंक लोन की बढ़ाए लिमिट
स्पेयर पार्ट्स फैक्ट्री मालिक सुभाष चंद ने कहा कि सरकार द्वारा नोटबंदी के कारण मंदे की मार झेल रहे व्यापारियों के टैक्स की लिमिट बढ़ाई जाए। साथ ही बैंक द्वारा दी जाने वाली लोन की लिमिट बढ़ाई जाए। इसके साथ ब्याज दरों को भी घटाया जाए। उन्होंने कहा कि बैंक टैक्स रिलेक्शन होनी चाहिए। बिजली की दरों में कटौती भी की जाए।  
विज्ञापन


ईएसआई स्कीम के तहत खुले अस्पताल
लोहा फैक्ट्री मालिक बजिंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार ईएसआई स्कीम के तहत लेबर को मेडिकल सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में कार्यरत लेबरों की स्कीम के तहत फीस जमा करवाई जाती है। लेकिन सरकार द्वारा इसकी पर्याप्त सुविधा नहीं दी जा रही। इसके तहत प्रदेश में केवल 4 ही अस्पताल हैं। सरकार इस बजट में लेबरों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश में और भी ऐसे अस्पताल स्थापित करें।

पांच लाख हो टैक्स की लिमिट
कैथल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान रमेश नागपाल ने कहा सरकार इस बजट में जीएसटी बिल को जल्द लागू करे। इसके तहत बिलिंग होने से ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को काफी फायदा होगा। वर्तमान में बिलिंग नहीं होने से कुछ व्यापारियों द्वारा टैक्स की चोरी की जाती है। अगर टैक्स की लिमिट 2.5 लाख से बढ़ाकर चार से पांच लाख हो जाए तो व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें