संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। रविवार को पाई, भाना व करोड़ा गांव के किसानों की लगभग 100 एकड़ से अधिक गेहूं, फानों तथा कई तूड़ी के कूपों में अचानक आग लग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं चल पाया। नुकसान पर किसान बोले कि उन्होंने सोचा था कि इस साल वे बेहतर
गर्मी के शुरू होते ही आग ने तांडव दिखाना शुरू कर दिया है। आए दिन खेत में फसलें राख हो रही हैं। चाहे कारण जो भी हो बर्बादी तो किसान की ही हो रही है। बीते वीरवार को कलायत में आग ने तांडव मचाया था। गांव दुमाड़ा व कैलरम के कृषि क्षेत्र मेंं हुए अग्निकांड मेें 50 एकड़ से अधिक मेंं खड़ी गेहूं की फसल व फानोंं का 10 एकड़ में फैला क्षेत्र लपटों में तब्दील हो गया था।
रविवार को आग की चपेट में पाई के किसान आ गए। धर्मवीर व राजेंद्र ने बताया कि दोपहर के समय अचानक उनके गेहूं के खेतों में आग लग गई। आग पाई व भाना के खेतों की तरफ से लगी ओर देखते-देखते करोड़ा के खेतों की ओर फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को फोन करके सूचित किया।
इसके अलावा ग्रामीण भी ट्रैक्टर लेकर निकल गए और आग लगे खेतों से कुछ आगे जाकर फसल को जोत दिया। दमकल विभाग की चार गाड़ियां भी तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया गया। गेहूं के अलावा किसानों ने अपने पशुओं के लिए चारा बनाने के लिए रखे गए फाने व तूड़ी के कूप भी जलकर राख हो गए।
उन्होंने बताया कि इस आगजनी में कुछ गरीब तबके के छोटे किसानों की फसल व पशु चारा भी शामिल है। आग लगने से किसानों को काफी भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व सरकार से मदद की गुहार लगाई है।