पाई। पाई सोसाइटी व सोसाइटी के बैंक के बीच आपसी मतभेद के कारण पिछले दो दिन से पाई के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों में करतारा राम, वीरेंद्र और दिलबाग ने बताया कि वे पाई सोसाइटी से हर सीजन में खाद आदि लेते हैं और सीजन के बाद अपना खाता क्लीयर करके आगे फिर से खाद आदि का लेन-देन करते हैं।
इसके तहत उन्होंने शुक्रवार को सोसाइटी में पिछले लिए पैसे भरे और रसीद लेकर बैंक में कापी से लिया कर्ज उतरवाने के लिए गए तो बैंक मैनेजर ने लिया कर्ज उतारने से जवाब दे दिया और कहा कि हम इस रसीद को नहीं मानते। उन्होंने बताया कि जब तक कापी से पिछले पैसे नही उतरेंगे, तब तक उनको आगे अपनी फसल के लिए खाद, दवाई आदि नहीं मिलेंगी।
किसानों ने बताया कि इस समय धान की रोपाई जोर-शोर से चल रही है। बार-बार चक्कर काटने का उनके पास न तो समय है और इस समय उनको खाद की सख्त जरूरत है। किसानों की समस्या को देखते हुए सोसाइटी के विकास अधिकारी भी पाई में पहुंचे और लगभग दो बजे तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
जीएम ने कुछ कर्मचारियों, विकास अधिकारी और बैंक मैनेजर को अपने पास बुला लिया। सोसाइटी के कैशियर कपिल ने बताया कि वे कच्चे कर्मचारी हैं और कुछ समय पूर्व उनको हटाया गया था। उसके बाद उन्होंने नौकरी पर बने रहने के लिए हाईकोर्ट से स्टे भी लिया हुआ है। उन्होंने शुक्रवार को 12 किसानों से उनके पिछले कर्ज को लिया था और किसानों को लिए पैसों की रसीद भी बनाकर दे दी गई थी। जब किसान सोसाइटी के बैंक में कापी से पिछला कर्ज उतरवाने गए तो मैनेजर ने कहा कि मैं रसीद पर हुए प्राप्ति के हस्ताक्षर नहीं मानता।
पाई सोसाइटी के बाहर खड़े किसान।