सीवन। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत रविवार को कृषि वैज्ञानिकों ने कई गांवों में किसानों को विभाग की योजनाएं, नए तैयार किए गए बीज व नई-नई तकनीकों के संबंध में जानकारी दी।
विभाग की ओर से तारांवली, रामथली और खरकां में रविवार को किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन गोष्ठियोें में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों के संबंध में हुए नए शोधों की जानकारी दी। कृषि विभाग चीका के कृषि विकास अधिकारी डॉ. ईश्वर कुमार ने किसानों को धान की सीधी बिजाई के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से किसानों को सीधी बिजाई के लिए 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
कृषि विज्ञान केद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कौशिक ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान किसानों के लिए लैब में होने वाले शोधों को धरातल पर पहुंचाने की दिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व कृषि मंत्री हरियाणा श्याम सिंह राणा का ये एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविरों के माध्यम से किसान को उस हर नए शोध से रूबरू करवाया जा रहा है जो खेती व उससे जुड़े व्यवसायों को नई दिशा देंगे। इस मौके पर शिविरों में पहुंचे एनडीआरआई भारतीय गेहूं व जौं अनुसंधान संस्थान व केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिकों ने किसानों को बहुपयोगी जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी डॉ. ईश्वर कुमार ने बताया कि धान की सीधी बिजाई करने से 20 से 25 प्रतिशत पानी की बचत के साथ 10 से 15 प्रतिशत पानी भूमि में रिचार्ज होता है। संवाद