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Kaithal News: ब्याज लेने पर भड़के किसान

Sat, 18 Nov 2023 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। किसानों ने जिले की पैक्सों पर सात प्रतिशत ब्याज वसूलने पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में किसानों ने शुक्रवार को जिला पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र टाया की अगुवाई में जींद रोड स्थित द सहकारी बैंक में महाप्रबंधक से मुलाकात की। साथ ही कहा कि अन्य जिलों में किसानों से ब्याज की यह राशि नहीं ली जा रही है, जबकि कैथल में जबरन वसूली की जा रही है। इस पर किसानों को बताया गया कि कैथल में अभी तक पैक्सों में राज्य सरकार की तरफ से ब्याज माफी योजना का विस्तार संबंधी पत्र जारी नहीं हुआ है।
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विदित हो कि जिले में 42 पैक्स हैं। एक पैक्स में छह से आठ हजार किसानों के खाते हैं। किसानों का आरोप है कि अन्य जिलों में किसानों से सात प्रतिशत ब्याज की वसूली नहीं की जा रही है। पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र टाया ने पैक्स अधिकारियों पर गलत तरीके से किसानों से जबरदस्ती ब्याज वसूलने का आरोप लगाया। कहा कि किसानों के हित में यह एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा जब इस विषय को कुछ दिन पहले उठाया गया था तो बिना ब्याज के रसीदें काटी गई परंतु तीन दिन के बाद फिर पैक्स अधिकारियों ने ब्याज लेना शुरू कर दिया। पैक्स प्रबंधकों के पास सरकार की ओर से ब्याज वसूलने के लिए कोई पत्र भी जारी नहीं किया गया। अधिकारी व कर्मचारी केवल झूठ बोलकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं कि 31 मार्च तक का पत्र ही ब्याज माफी का था, वह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब ब्याज माफी की समय सीमा खत्म हो चुकी है तो सरकार की ओर से ब्याज वसूलने का कोई पत्र भी जारी नहीं किया गया है, परंतु अधिकारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है। उन्होंने इसे बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने आशंका जताई कि जिले में पैक्स अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से 40 से 50 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके बारे में किसी के पास कोई जवाब नहीं है।

महाप्रबंधक बोले-पैक्सों में राज्य सरकार की तरफ से ब्याज माफी योजना का विस्तार नहीं
इस संबंध में द सहकारी बैंक कैथल के महाप्रबंधक रणबीर बैनीवाल ने बताया कि किसानों को राज्य व केंद्र की तरफ से सात प्रतिशत ब्याज में छूट दी जाती है। इसमें चार प्रतिशत केंद्र और तीन प्रतिशत राज्य सरकार का होता है। कैथल में अभी तक पैक्सों में राज्य सरकार की तरफ से ब्याज माफी योजना का विस्तार के लिए पत्र जारी नहीं हुआ है, जबकि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक पोर्टल बनाया है। इसमें पहले किसानों को ब्याज की राशि बैंक को देनी होगी। इसके बाद उसे वापस किसानों को दी जाएगी। बैनीवाल ने बताया कि यदि किसी पैक्स में अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सिफारिश की जाएगी। वहीं, ब्याज माफी को लेकर हरको बैंक को लिखा जाएगा।
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