पंजाब बार्डर पर आमने-सामने किसान और जवान, फजीहत झेल रहे आमजन
मार्ग बंद होने से मुसीबतों संग लोगों को सफर हुआ लंबा, जेब भी हो रही ढीली
टटियाना बार्डर पर फिलहाल शांति पर कम नहीं हुई पुलिसकर्मियों की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर डटे किसानों का आंदोलन 20दिन से जारी रहा। एक ओर जहां, किसान 13 फरवरी से हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर डटे हैं। वहीं दूसरी ओर उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। ऐसे में आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर पंजाब से लगती सीमाओं पर तनातनी के बीच गुहला क्षेत्र में बने नाकों व टटियाना बॉर्डर पर फिलहाल शांति बनी हुई है। यहां आईटीबीपी जवान के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। टटियाना बॉर्डर बंद होने के चलते आम आदमी की परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। शहर से बाहर जाने वालों को ज्यादा पैसे खर्च करके लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
साल 2020 में तस्वीर बिल्कुल उलट थी। किसान आंदोलन भले ही दिल्ली की सीमा पर करीब एक साल तक चला, लेकिन पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोगों ने इसको भरपूर सहयोग दिया। आम लोग किसानों की आर्थिक रूप से भी मदद कर रहे थे। इस बार तो किसान हरियाणा पुलिस की सख्ती के कारण दिल्ली कूच भी नहीं कर पाए हैं।