पाई। प्रदेश सरकार की ओर से गेहूं की तौल और जे-फॉर्म से जुड़े नए निर्देशों को लेकर किसानों और आढ़तियों में व्यापक रोष है। भाकियू नेताओं ने सरकार से इन निर्देशों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, कार्यकारी प्रधान बलवान पाई, सचिव करतारा राम तथा मंडी के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि नए नियमों के तहत किसान का जितने वजन का गेटपास होगा, उतने ही वजन का जे-फॉर्म बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसान खेतों से बिना तौल के ट्रॉली में फसल भरकर मंडी लाते हैं और अनुमानित वजन के आधार पर गेटपास कटवाते हैं। बाद में मंडी में तौल के दौरान वजन कम या ज्यादा हो सकता है। यदि किसान का गेटपास 80 क्विंटल का कटा है और तौल के बाद वजन 85 क्विंटल निकलता है, तो जे-फॉर्म केवल 80 क्विंटल का ही बनेगा। संवाद