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Kaithal News: सब्जियों की पौध पर रिचर्स कर मुनाफा कमा रहे किसान बलजीत

Sat, 07 Dec 2024 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पाई। कसान गांव के रहने वाले महज दो एकड़ भूमि के प्रगतिशील किसान बलजीत गेहूं व धान जैसी फसलों की कृषि छोड़कर सब्जियों की पौध पर रिसर्च कर अपनी नर्सरी खोलकर अच्छा मुनाफा कमा रहा है। वह अपनी रिचर्स की जानकारी अन्य किसानों को देकर उनकी मदद कर रहे हैं ताकि वे भी अपना नया कार्य चला सकें।

गांव कसान के बलजीत सिंह ने बताया कि उनके पास जींद रोड पर केवल दो एकड़ जमीन है। पहले वह अपनी जमीन पर गेहूं व धान की खेती करता था। खेती से उसके घर का गुजरा नहीं होने पर उसने यह खेती छोड़ने का मन बनाया। अब उसने अपनी नर्सरी एक एकड़ में बनाई है और एक एकड़ में अभी वह गेहूं धान की ही खेती कर रहा है। उसने अपनी नर्सरी केवल आध एकड़ से शुरू की थी। धीरे- धीरे वह अपनी सारी जमीन पर नर्सरी का कार्य शुरू करेगा। उसने बताया कि अब उसको नर्सरी से लगभग 30 से 40 हजार रुपये प्रति महीने की कमाई हो रही है।
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बलजीत ने बताया कि अब तक वह कई सब्जियों की पौध तैयार कर चुका है। इसमें काला टमाटर, बेल वाला टमाटर, सफेद बैगन, ब्रोकली, सींग वाली गोभी, गोभी आदि पर रिचर्स कर चुके हैं। उसने बताया कि टमाटर पहले छोटे-छोटे पौधे पर लगाया जाता था, परंतु उसने खोज कर अब बेल वाले टमाटर की पौध तैयार की है। इस टमाटर की बेल को घीया, तोरी की तरह चढ़ाकर लंबे समय तक टमाटर का उत्पादन किया जा सकता। उसने बताया कि अभी तक टमाटर एक ही रंग के देखे होंगे, परंतु उसने काले टमाटर की पौध भी तैयार की है।

उन्होंने बताया कि इतना ही नही उसने एक पौधे से दो सब्जियां भी प्राप्त की है। पौधे के नीचे वाले भाग में बैंगन व उसके ऊपर वाले भाग में टमाटर लगते हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार पौध लगाने से छुटकारा पाने के लिए उसने दो वर्ष पूर्व बैंगन के पौधे लगाए थे और अब वे बढ़ कर आठ फीट ऊंचे पेड़ बने हैं। उससे आगे भी सात-आठ वर्ष तक बैंगन की सब्जी प्राप्त की जा सकती है। इसकी ऊंचाई भी 20 से 25 फीट तक हो जाएगी। इसी प्रकार अधिक फल देने वाले अमरूद व गन्ने की पौध भी तैयार की है।
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उन्होंने बताया कि बाजार में इस समय केवल दो तीन फीट लंबी घीया मिलती है, परतु उसने पांच से छ: फीट से लंबी घिया के बीज तैयार किए हैं। उसने बताया कि वह कभी भी कीट नाशक दवाइयां व खाद नही डालता आर केवल केंचुए की खाद पर पौध तैयार करता है। उसने बताया कि सब्जियां अधिक तर वर्षा के पानी पर निर्भर रहती है, इसके लिए उसने तीस गुणा बीस का 14 फीट गहराई वाला तालाब बनाया है, जिसमे वह वर्षा का पानी एकत्र करता है और सब्जियों में देता है। उसने किसानों से अपील की है कि वे भी इस प्रकार की उन्नत खेती की ओर ध्यान दें।
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