संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पुलिस लाइन में पुलिस शहीदी एवं स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान देश के दुश्मनों व अपराधी तत्वों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद होने वाले भारत के जवानों के नाम पढ़कर उन्हें याद किया गया। इनमें पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवान शामिल थे।
डीएसपी मुख्यालय बीर भान ने देश की एकता, अखंडता व सुरक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगाने के लिए शहीदों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर डीएसपी बीरभान, डीएसपी ललित कुमार व अन्य अधिकारियों ने अमर शहीदों के बलिदान को याद कर पुलिस स्मृति स्मारक पर पुष्प चक्र व फूल मालाएं अर्पित की।
पुलिस के जवानों की टुकड़ी ने शोक सलामी दी व बिगुलर से मातमी धुन बजाई। सभी व्यक्तियों ने अमर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा।
पीआरओ ने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 के दिन केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल के बहादुर नौजवानों ने हॉट स्प्रिंग्स लेह-लद्दाख में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हुए चीनी घुसपैठियों के साथ हुई मुठभेड़ में 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से लेकर आज तक समस्त भारतवर्ष में 21 अक्तूबर को पुलिस शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस मौके पर एएसआई विकास कुमार ने सभी शहीदों के नाम पढ़कर सुनाए। इस अवसर पर कल्याण निरीक्षक गीता, पुलिस लाइन प्रबंधक एसआई अत्तर सिंह, टीएसआई सतपाल, प्रवेश, एचसी अजय कुमार सहित जिले के सभी थाना प्रबंधक, चौकी प्रभारी व अन्य कर्मचारियों ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पुलिस प्रशासन ने जिला पुलिस के शहीद हो चुके पांच कर्मचारियों के परिजनों को विशेष तौर पर आमंत्रित करके शहीदों की याद में एक-एक शॉल स्मृति स्वरूप भेंट करते हुए उआश्वासन दिया कि संकट की किसी भी घड़ी में पुलिस विभाग सदैव साथ खड़ा रहेगा।
पीआरओ ने बताया कि 1989 में शहीद हुए रामसिंह निवासी जाजनपुर, 1992 में शहीद हुए कृपाल सिंह निवासी हरिगढ़ किंगन व शहीद गुलजार सिंह निवासी हाबड़ी, 13 अगस्त 2020 को कोरोना महामारी कारण शहीद हुए हेड कांस्टेबल विजय कुमार व पांच जून 2021 को कोरोना महामारी के कारण शहीद हुए एसपीओ दलबीर सिंह निवासी रजनी कॉलोनी कैथल के परिजनों को आमंत्रित किया था।