संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। बासमती धान के दामों में आई भारी गिरावट ने किसानों को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। मंडियों में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे किसान अब अपनी धान के ढेरों पर तिरपाल डालकर बैठ गए हैं और इसे बेचने से साफ इन्कार कर रहे हैं। पाई मंडी इन दिनों बासमती धान की विशाल ढेरियों से भरी पड़ी है, लेकिन कम दामों के कारण किसानों की मजबूरी साफ झलक रही है।
किसान सुखवीर, रामकुमार, बलवीर, किताबा, बलवान, करतारा आदि ने बताया कि इस बार धान में आई बीमारियों और शुरुआती कम भाव ने उन्हें पहले ही परेशान कर रखा था, लेकिन अब बासमती किस्म में भी भारी मंदा आ गया है। किसानों ने बताया कि सीजन की शुरुआत में बासमती धान 5600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकनी शुरू हुई थी, जिससे उन्हें उम्मीद जगी थी कि दामों में और बढ़ोतरी होगी। लेकिन उलटा भाव टूटकर अब 4600 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया है।
किसानों का कहना है कि वे पहले ही कर्ज तले दबे हुए हैं और इतने कम दामों में धान बेचना उनके लिए नुकसान का सौदा होगा। इसी कारण भारी मंदी के चलते किसानों ने अपनी धान की ढेरियों पर तिरपाल डालकर उन्हें मंडी में ही सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है।