अपने मकान पर करीब 54 लाख रुपये की एक्सटेंशन फीस का बोझ न सहने के कारण मॉडल टाउन निवासी रामभगत द्वारा दी गई कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। सरकार से शीघ्र ही हुडा के टाउनशिप में बनाए गए अब मकानों की करोड़ों रुपये की एक्सटेंशन फीस माफ किए जाने की उम्मीद जगी है। इसके लिए जिलास्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। जो वर्ष 2000 से पहले बनें मकानों की सूची तैयार कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सूची के आधार पर यह एक्सटेंशन फीस माफ हो सकती है।
एक-एक मकान पर लगी है करोड़ रुपये से अधिक की एक्सटेंशन फीस
मॉडल टाउन में एक-एक मकान पर करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की एक्सटेंशन फीस लगी हुई है। जिसमें हुडा की नीति के अनुसार मकान बनाने के बाद यदि मकान में विस्तार किया जाता है तो इसके लिए हुडा में एक्सटेंशन फीस जमा करवानी पड़ती है। मॉडल टाउन में तीस से चालीस साल पहले बनें मकानों पर कुछ हजारों से शुरू हुई एक्सटेंशन फीस आज 90 लाख से एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह साल दर साल बढ़ती जा रही है। यहां 550 मकानों में से करीब 500 पर लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है।
मॉडल टाउन निवासी रामभगत ने कर ली थी आत्महत्या
कैथल के जींद रोड स्थित मॉडल टाउन निवासी रामभगवत ने जनवरी माह में आत्महत्या कर ली थी। वे इस एक्सटेंशन फीस की राशि के नोटिसों से परेशान थे। उनके ऊपर करीब 54 लाख रुपये की एक्सटेंशन फीस थी। बार-बार की जा रही मांगों के बावजूद उनकी समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अंतत: मजबूरन उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी। उनकी कुर्बानी के बाद सरकार का इस ओर ध्यान गया। जिस पर इस नीति की समीक्षा शुरू हुई।
स्वास्थ्य मंत्री को भी दी थी लोगों ने शिकायत
पिछले साल कैथल में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी मॉडल टाउन के लोगों ने इस संबंध में शिकायत दी थी। जिस पर उन्होंने सरकार से उचित समाधान का आश्वासन दिया था।
जिलास्तर पर हुआ कमेटियों का गठन
हुडा विभाग में एसडीओ कुलदीप संधु ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार वर्ष 2000 से पहले बने मकानों की सूची तैयार की जा रही है। जिसके लिए कमेटी का गठन किया गया है। जिसके वे भी सदस्य हैं। उनके अलावा इस कमेटी में हुडा प्रशासक सहित जिला टाउन प्लानर मुख्य अधिकारी के तौर पर शामिल हैं। सरकार को रिपोर्ट बनाकर भेज दी जाएगी।
सरकार शीघ्र दिलाए बड़ी समस्या से निजात
मॉडल टाउन वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान मुकेश गर्ग व उप-प्रधान सुभाष धनौरी ने कहा कि एसोसिएशन की मांग पर सरकार ने संज्ञान लिया है। जिसके तहत हुडा के अधिकारियों ने मकानों पर लगी एक्सटेंशन फीस की जानकारी मांगी थी। इस बारे में एसोसिएशन द्वारा अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है। मॉडल टाउन निवासियों से भी अपील है कि जिन्होंने अपनी एक्सटेंशन फीस संबंधी जानकारी नहीं दी है। वे एसोसिएशन को उपलब्ध करवाएं। ताकि विभाग को इस बारे में बताया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जो रिपोर्ट तैयार की जा रही है, उससे उम्मीद जगी है कि सरकार इस फीस को लेकर कोई नीति बनाएगी। जिससे लोगों को बड़ी समस्या से निजात मिले सकेगी। सरकार से मांग है कि शीघ्र ही इस संबंध में फैसला लें।