मार्च माह में दिल्ली रेलवे स्टेशन के शौचालय में बम रखा होने की झूठी सूचना देने में प्रयोग किया गया मोबाइल नंबर का सिम पूंडरी से खरीदा गया था। जिसके लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए गए थे। गहन छानबीन के बाद हुए खुलासे के बाद पुलिस ने सिम बेचने वाले दुकानदार सहित संबंधित कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी झूठी सूचना देेने वाले की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मामले में मिली जानकारी के अनुसार मार्च माह में एक मोबाइल नंबर से दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शौचालय में बम रखा होने की सूचना दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शौचालयों की जांच कि तो वहां कुछ नहीं मिला। जिस मोबाइल नंबर से झूठी सूचना दी गई पुलिस ने उस नंबर की डिटेल निकाली तो मोबाइल नंबर सोनीपत जिले के मूरथल निवासी राजू यादव के नाम मिला। मोबाइल नंबर खरीदने के लिए आईडी प्रूफ में वोटर कार्ड लगाया हुआ था। पुलिस ने जांच की तो वहां राजू यादव नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। निर्वाचन आयोग के पास भी इस नाम के व्यक्ति का कोई रिकार्ड नहीं मिला। इसके बाद गहनता से की गई जांच में पता चला कि यह सिम पूंडरी से खरीदा गया है। कैथल में मामले की जांच करते हुए सब इंस्पेक्टर सत्यवान की जांच में खुलासा हुआ कि गांव धौंस निवासी हुकमचंद की पूंडरी में किराने की दुकान है। वह मोबाइल सिम भी बेचता है।
हुकमचंद ने ही उस नंबर के सिम को बेचा था। जिससे झूठी सूचना दी गई। पुलिस ने इस मामले में दुकानदार हुकमचंद, सिम की दुकानों से आईडी जमा करने वाले मोबाइल नेटवर्क कंपनी के कर्मचारी अहमदपुर निवासी राजपाल व कंपनी कर्मचारी सतोंदी निवासी अंकित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। तीनों पर फर्जी कागजात तैयार करने का आरोप है। पूंडरी पुलिस चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने कऱ्हा कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।