संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। श्री कपिल मुनि महिला कॉलेज में भगवान कपिल मुनि की मूर्ति स्थापना और विवाह पंचमी के अवसर पर रविवार को सांख्य योग दर्शन पर सेमिनार और भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री कपिल मुनि शिक्षा समिति ने किया।
रविवार को कॉलेज परिसर में भगवान कपिल मुनि की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। इसके बाद आयोजित भंडारे में छात्राओं, स्टाफ और गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक भोज का आनंद लिया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील गर्ग ने कहा कि सांख्य हिंदू धर्म की प्राचीनतम दार्शनिक प्रणालियों में से एक है, जो अस्तित्व के तत्वों की गणना और वर्गीकरण पर आधारित है। इसका श्रेय कपिल मुनि को दिया जाता है।
श्री कपिल मुनि शिक्षा समिति के महासचिव निशीकांत शर्मा ने बताया कि कपिल मुनि का सांख्य दर्शन ब्रह्मांड के द्वैतवादी सिद्धांतों को समझने की व्यवस्थित दृष्टि प्रदान करता है। यह ईश्वरीय हस्तक्षेप के बिना आत्म-साक्षात्कार और मुक्ति पर बल देता है। उन्होंने कहा कि यह दर्शन 25 तत्त्वों की पहचान करता है, जिनमें पांच स्थूल तत्व, मन, बुद्धि, अहंकार और पुरुष शामिल हैं। यही सांख्य आगे योग दर्शन की नींव भी बनता है। उन्होंने कहा कि कपिल मुनि की शिक्षाएं आत्म-साक्षात्कार और भौतिक आसक्तियों से मुक्ति का मार्ग दिखाती हैं। उनकी कथाएं हिंदू पौराणिक साहित्य में गहराई से अंकित हैं और भारतीय आध्यात्मिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सेमिनार के दौरान ठीक दोपहर 12 बजे लोगों ने तालियां बजाकर अयोध्या में राम मंदिर के शीर्ष पर विराजमान हुए ध्वजानंद का अभिनंदन भी किया।
25केएलटी1: सांख्य योग दर्शन पर आयोजित सेमिनार में बोलते समिति के महासचिव
25केएलटी1: सांख्य योग दर्शन पर आयोजित सेमिनार में बोलते समिति के महासचिव