कैथल। शहर में बिगड़ती जा रही सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार की उम्मीद जगी है। डोर टू डोर व रात्रि सफाई का टेंडर रद्द होने के बाद शहर से 11 वाहनों में किसी तरह से नगर परिषद के कर्मचारी कचरा उठा रहे हैं लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं है। स्थानीय निकाय विभाग ने अब कैथल नगर परिषद को रात्रि सफाई के लिए टेंडर लगाए जाने की अनुमति दे दी है। पहले यह टेंडर लगाए जाने पर रोक लगा दी गई थी। विदित रहे कि वर्ष 2021 में पहले रात्रि सफाई का टेंडर रद्द किया गया था। इसके बाद से ही रात्रि सफाई के लिए टेंडर नहीं लगाया जा सका है। इसके बाद डोर टू डोर का टेंडर भी रद्द कर दिया गया। जिस कारण शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ती गई।
नगर परिषद की ओर से विभाग मुख्यालय को पत्र लिखकर डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने व रात्रि सफाई के लिए टेंडर लगाए जाने की मांग की थी। जिसे विभाग ने अस्वीकार कर दिया था। डोर टू डोर के तहत टेंडर का कार्य प्रदेश स्तर पर किया जा रहा है। जिसके लिए कैथल का क्लस्टर करनाल में बनाया जाना है। यह कब तक होगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर नगर परिषद के पास इस समय कचरा उठान के लिए 11 वाहन हैं जबकि डोर टू डोर टेंडर में 50 से अधिक वाहनों की जरूरत बताई गई है। यही कारण है कि केवल 11 वाहनों से किए जा रहे डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण के कार्य से सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर कई-कई दिनों में कचरा उठान हो पाता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ गया था पिछले साल कैथल
पिछले साल स्वच्छ सर्वेक्षण में कैथल शहर पिछड़ गया था। शहर की स्वच्छ रैंकिंग में 100 से भी अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। इस बार भी यदि जल्द से जल्द डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण का कार्य ठीक नहीं हुआ तो रैंकिंग में सुधार की गुंजाइश कम ही है।
रात्रि सफाई का टेंडर लगाए जाने की मिली मंजूरी
इन तमाम समस्याओं के बीच स्थानीय निकाय विभाग ने नगर परिषद कैथल को रात्रि सफाई का टेंडर लगाए जाने की अनुमति दे दी है। ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि विभाग से 65 से अधिक कर्मचारियों से रात की सफाई करवाने के लिए टेंडर की अनुमति मिल गई है। जल्द से जल्द यह टेंडर लगा दिया जाएगा। शहर से कचरा एकत्रित करने के लिए भी वाहनों की संख्या बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों की अनुमति लेकर कचरा उठान की दिशा में भी कोई न कोई वैकल्पिक उपाय किया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि उपलब्ध संसाधनों से शहर में सफाई हो और कचरे का समुचित उठान किया जाए।