संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र नरवाना रेलमार्ग पर कुछ समय पहले ही रेलवे ने ट्रेन की गति बढ़ाई है। यह गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटा हो चुकी है। अब ट्रैक पर गति बढ़ने के बाद इस मार्ग पर बंद हुई ट्रेनों के फिर से शुरू होने की आस जगी है।
हालांकि सूत्रों का इस संबंध में कहना है कि यदि पहले से चल रही ट्रेनों की समय सारणी में बदलाव हुआ तो रेलवे बंद की गई ट्रेनों के संचालन पर विचार कर सकती है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय से दोपहर के समय कुरुक्षेत्र और जींद जाने वाली रेल सेवा बंद है। इस रेल सेवा के तहत एक पैसेंजर ट्रेन दोपहर करीब डेढ़ बजे जींद और दोपहर तीन बजे कुरुक्षेत्र जाती थी जबकि इस समय केवल सुबह व शाम के समय ही ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जबकि दोपहर के समय रेल सेवा बंद होने के कारण रेल के माध्यम से न तो कुरुक्षेत्र जा सकते हैं और न ही जींद जा सकते हैं।
रेल यात्री कल्याण समिति लंबे समय से कर रही मांग
दोपहर के समय कुरुक्षेत्र और जींद जाने वाली रेल सेवा को शुरू करने के लिए रेल यात्री कल्याण समिति कई बार रेलवे से मांग भी कर चुकी है, लेकिन उनकी यह सुनवाई नहीं हो रही है। यदि दोपहर के समय रेल सेवा पुन: संचालित हो तो जिले के रेल यात्रियों को इसका खूब फायदा मिलेगा। क्योंकि अब रेलवे ने कोरोना महामारी के समय बढ़ाए गए किराए को भी कम कर दिया है।
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि अब तो स्थिति सामान्य हो चुकी है जबकि कोरोना महामारी का समय भी अब नहीं रहा है।
उन्होंने बताया कि ऐसे में रेलवे से दोपहर के समय चलने वाली रेल सेवा को शुरू करने की कई बार मांग की जा चुकी है परंतु फिर भी रेलवे की ओर से समिति की इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी रेलवे से मांग है कि इन ट्रेनों का संचालन पुन: शुरू किया जाए।
कुरुक्षेत्र नरवाना रेलमार्ग पर अब रेलवे ने गति बढ़ा दी है। इसके बाद अब इस मार्ग पर 75 किलोमीटर प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हो चुकी है। ऐसे में दूसरी ट्रेनों की समय सारिणी में भी बदलाव हो सकता है। यदि समय सारिणी में बदलाव हुआ तो दोपहर के समय बंद हुई ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला डीआरएम दिल्ली कार्यालय की तरफ से लिया जाएगा।
- सतीश कुमार, अधीक्षक, रेलवे स्टेशन कैथल