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Kaithal News: फसल लाने के लिए वाहन नंबर की शर्त खत्म

Tue, 07 Apr 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत/कैथल। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने सोमवार को जिले की ढांड, पाई, राजौंद, कलायत, कैथल, सीवन और गुहला-चीका मंडियों का दौरा कर गेहूं खरीद व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलायत में उन्होंने कहा कि सरकार ने मंडियों में फसल लाने के लिए वाहन नंबर की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब किसानों को ट्रैक्टर या अन्य वाहनों के नंबर को लेकर किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि किसान बैलगाड़ी सहित पारंपरिक साधनों से भी अपनी फसल मंडी में लाकर बेच सकेंगे। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं।
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कृषि मंत्री ने कहा कि मंडियों में स्थान की कमी नहीं आने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आढ़तियों की सहमति से अतिरिक्त स्थान चिन्हित कर वहां फसल डलवाई जाएगी और इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

इस दौरान उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, एसडीएम अजय हुड्डा, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव राजपूत, मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकिशन काका राणा, वाइस चेयरमैन ऋषिपाल कौलेखां और जिला सचिव अजय प्रताप राणा मौजूद रहे।

एमएसपी पर हर दाने की खरीद का भरोसा : मंडियों का दौरा करने के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बारदाना, उठान, भुगतान और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मंडियों में पहुंचे किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही उनके समाधान के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार गेहूं खरीद के दौरान किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी किसान को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

पट्टेदार, आढ़ती या ड्राइवर भी ला सकेगा फसल

मार्केट कमेटियों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के तहत पंजीकरण और फसल बिक्री प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब किसान की ओर से नामित व्यक्ति—पट्टेदार, आढ़ती या ड्राइवर भी फसल बेच सकता है।
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स्टीकर या पेंट से लिखी संख्या भी होगी मान्य

बारदाना (बोरी) की समस्या के समाधान के लिए मार्केट कमेटी सचिव को समग्र प्रभारी बनाया गया है, जो एजेंसियों को उपलब्ध कराए गए बारदाने का पूरा रिकॉर्ड रखेंगे। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट नहीं है तो किसान पेंट, कागज या स्टीकर के माध्यम से पंजीकरण संख्या लिखकर भी मंडी में प्रवेश कर सकते हैं।
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