कैथल बस अड्डे पर कुरुक्षेत्र व अन्यरुटों के बस कांउटर खाली पडें
कैथल। जिले से करनाल व कुरुक्षेत्र सहित अन्य प्रमुख रूटों पर शाम होते ही रोडवेज बसों की भारी कमी देखने को मिल रही है। इसका असर रोजाना सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों पर पड़ रहा है। दफ्तरों, औद्योगिक क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों से लौटने वाले यात्रियों को शहर के बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है जबकि कई बार मजबूरी में उन्हें महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। बता दे कि शाम को कैथल से कुरुक्षेत्र शाम को 6 बजे बस जाती ओर फिर 6 बजकर 40 मिनट पर जाती है जिससे शाम के समय 40 मिनट का समय बीतने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ज्यादा यात्री होने के कारण क्षमता से ज्यादा होने पर भीड़ जाती वहीं देर शाम 7 बजकर 40 मिनट पर कैथल से करनाल की बस दिल्ली जाती है।
लंबे रुट पर जाने वाली इस बस में करनान, पानीपत , मुरथल, दिल्ली बॉर्डर की सवारियां होती स्थानीय यात्रियों को बस में खड़े होकर सफर पड़ता है। पिछले कुछ समय से कैथल रोडवेज डिपो के बेड़े में बसों की संख्या लगातार घट रही है। इसके चलते न केवल करनाल और कुरुक्षेत्र जैसे लंबे रूट प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि जिले के गुहला, पुंडरी, ढांड, कलायत और राजौंद जैसे स्थानीय रूटों पर भी बसों की संख्या कम कर दी गई है। शाम के समय जब यात्रियों की संख्या सबसे अधिक होती है, उसी समय बसों की उपलब्धता कम होने से हालात और बिगड़ जाते है।
यात्रियों का कहना है कि शाम छह बजे के बाद कई रूटों पर एक-एक घंटे तक बस नहीं मिलती। जो बसें आती भी हैं, उनमें क्षमता से अधिक सवारियां होती हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों को खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। कई यात्रियों ने बताया कि देर रात घर पहुंचने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार डिपो की कई बसें तकनीकी खराबी के चलते लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी हैं, वहीं नई बसों की आपूर्ति न होने और चालकों व परिचालकों की कमी से समस्या और गंभीर हो गई है, इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। यात्रियों ने रोडवेज प्रशासन से मांग की है कि कैथल बस स्टैंड से प्रमुख और स्थानीय रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो सके। इस बारे में रोडवेज डीआई सूरजमल का कहना है कि बसों की कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। जल्द ही कुछ बसों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सड़कों पर उतारा जाएगा, साथ ही शाम के समय करनाल और कुरुक्षेत्र रूट पर अतिरिक्त फेरे लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।