कैथल। पीजीटी अर्थशास्त्र की शिक्षिका सुनीता पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी पहचान बना रही हैं। वे घर, परिवार, स्कूल और खेल चारों जिम्मेदारियों को एक साथ निभाते हुए लगातार अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली यह शिक्षिका अब अपने अगले लक्ष्य की तैयारी में जुटी हैं।
खेलों में उनकी उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं। वर्ष 2022-23 में सिविल सर्विस राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की रिले रेस में उन्होंने रजत पदक जीता। बिहार में आयोजित सिविल सर्विस प्रतियोगिता में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 200 और 400 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और चौथे स्थान पर रही। खेलों के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उनकी विशेष पहचान है। राज्य स्तरीय रंगोत्सव में रागनी गायन प्रतियोगिता में उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया।
वर्तमान में वह गांव चंदाना के सरकारी स्कूल में पीजीटी इकनॉमिक्स के पद पर कार्यरत हैं। स्कूल में पढ़ाई के साथ उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी बेहतरीन है। वह शाम को अपने छह वर्षीय बेटे और ढाई साल की बेटी के साथ मैदान पहुंचती हैं। बच्चों के साथ समय बिताने के साथ-साथ खुद भी नियमित अभ्यास करती हैं। उनका मानना है कि यदि इच्छा मजबूत हो तो व्यस्त दिनचर्या भी सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनती। उन्होंने अपने पति को भी इसको श्रेय दिया है।
वह कहती हैं कि परिवार का सहयोग, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं बल्कि अपने विद्यार्थियों और अन्य महिलाओं को यह संदेश देना है कि जिम्मेदारियां चाहे कितनी भी हों, यदि हौसला कायम रहे तो सपनों की उड़ान कभी नहीं रुकती। यही सोच उन्हें आज भी हर दिन मैदान में अभ्यास करने और अगले राष्ट्रीय पदक के लिए खुद को तैयार करने की प्रेरणा देती है।