कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि जिले की अनाज मंडियों में खरीदे गए धान का जल्द से जल्द उठान करवाया जाए। सभी खरीद एजेंसी अधिकारी इस काम में तेजी लाएं। ट्रांसपोर्टर्स, मिलर्स व खरीद एजेंसी अधिकारी आपसी समन्वय बनाते हुए उठान कार्य को गंभीरता से पूरा करवाएं। साथ ही धान बेचने में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि किसानों के धान की सुचारू रूप से खरीद हो, उन्हें समय पर भुगतान मिले। साथ ही उठान में तेजी लाई जाए। डीसी अपराजिता ने लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में धान खरीद कार्य की समीक्षा की। बैठक में जिले के तीनों एसडीएम, सभी खरीद एजेंसियों के अधिकारी, ट्रांसपोटर्स, मिलर्स सहित आढ़तियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डीसी ने सभी पक्षों से एक-एक करके खरीद कार्य के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने मुख्यत: ट्रांसपोटर्स, मिलर्स व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीद के बाद जो धान पड़ा हुआ है, उसे तुरंत प्रभाव से उठवाया जाए। मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहे हैं, इसलिए इस कार्य को गंभीरता से पूरा करवाया जाए। आपसी तालमेल से इस कार्य में तेजी लाई जा सकती है। यदि किसी भी पक्ष को किसी तरह की परेशानी आ रही है तो उनके संज्ञान में लाया जाए।
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खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडियों में रहकर आपसी तालमेल बनवाते हुए उठान प्रक्रिया को पूरा करवाएं। उठान कार्य में तेजी के लिए जरूरत अनुसार लेबर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में जो भी खरीदा गया स्टॉक है, जब तक उसका उठान न हो। उस स्टॉक को इस तरह से व्यवस्थित किया जाए कि बारिश की स्थिति में नुकसान न हो। साथ ही खुले में रखे धान के कट्टों को कवर करवाएं। इसके लिए आवश्यक तौर पर तिरपाल की व्यवस्था रखें। इस कार्य में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा कि धान खरीद में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। साथ ही बारिश आदि की स्थिति में धान खराब न हो। सभी संबंधित पक्ष इस संबंध में अपनी तैयारी पूरी रखें। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएफएससी वीरेंद्र कुमार ने डीसी को खरीद प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक छह लाख 48 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें से चार लाख 93 हजार एमटी धान का उठान हो चुका है। जिले में करीब 77 प्रतिशत धान का उठान हो चुका है।