अवैध कॉलोनियों को लेकर मंगलवार को जिला नगर योजनाकार कार्यालय व ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईश्वर सिंह के पूरे अमले द्वारा राजस्व संपदा गांव पट्टी कायस्थ सेठ के कैथल-कुरूक्षेत्र रोड पर करीब 6 एकड़ भूमि पर बनाई जा रही अवैध कालोनी में पीला पंजा चलाया गया। कालानी में मिट्टी की सड़कों, चारदीवारी व मौके पर बना एक कमरा को पीला पंजे की मदद से तोड़ा गया। अवैध कॉलोनी पर जेसीबी चलाने का कार्य सुबह 10 बजे से किया गया।
डीसी सुजान सिंह ने बताया कि योजनाकार कार्यालय के संज्ञान में कैथल-कुरूक्षेत्र रोड पर लगभग 6 एकड़ भूमि पर क्लोनाइजरों व प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के मिट्टी की सड़कें बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित करने का मामला आया था। जिसके उपरांत विभाग द्वारा भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी करके कॉलोनी विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त करने वाले आदेश दिए गए थे, परंतु भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा न तो मौके पर बनाई जा रही अवैध कालोनी का निर्माण रोका और न ही विभाग से किसी प्रकार की अनुमति ली। पीला पंजा चलाने के साथ-साथ अवैध कालोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
जिला नगर योजनाकार अनिल कुमार नरवाल ने बताया कि आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वह सस्ते प्लाट के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में न आए और न ही अवैध कालोनियों में प्लाट खरीदें। मकान खरीदने से पहले जिला योजनाकार कार्यालय से पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। सभी प्रॉपर्टी डीलर का भी आह्वान किया गया है कि वे सरकार द्वारा चलाई गई हाउसिंग स्कीम, दीनदयाल हाउसिंग स्कीम, अफॉर्डेबल हाउसिंग स्कीम, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किया जाता है। कॉलोनी काटने की जरूरी अनुमति प्राप्त करें, ताकि शहर वासियों को सस्ता मकान उपलब्ध हो सके। यदि कोई व्यक्ति अवैध कालोनी में प्लाट आदि खरीदता है तो उसके खिलाफ भी कार्यालय द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपये तक का जुर्माना व तीन साल की सजा प्रावधान है।