संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद में कार्यरत एक हेल्पर द्वारा सरकार की जमीन को प्रॉपर्टी आईडी में अपने नाम दिखाने का मामले में नगर परिषद ने कड़ा संज्ञान लिया है। अब इस मामले में नगर परिषद के ईओ कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों की प्रॉपर्टी आईडी की जांच करवाएंगे।
गौरतलब है कि आरोपी हेल्पर ने डोगरा गेट पर करीब 20 लाख रुपये की 72 गज की जमीन प्रॉपर्टी आईडी में अपने नाम दिखा अपने नाम करवा ली थी। इसके बाद ईओ कुलदीप मलिक ने इस हेल्पर को बर्खास्त भी कर दिया था। यह कर्मी पिछले करीब आठ साल से नगर परिषद में अनुबंध के तहत कार्यरत है।
इस समय यह कर्मी हरियाणा कौशल निगम के अधीन है। इस कर्मी ने प्रॉपर्टी आईडी बनाने से पहले आए कंपनी के कर्मियों को गुमराह कर एक सरकारी प्लाट को अपने नाम दिखाया था। यही नहीं, इस आरोपी कर्मी ने इसमें अपना मोबाइल नंबर भी दिया और बाद में जब आईडी को लेकर वेरिफिकेशन हुई तो भी उसे वेरिफिकेशन करने वाले कर्मी को गुमराह कर दिया। वहीं, इस मामले में नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में अब दूसरे कर्मियों की प्रॉपर्टी आईडी की जांच करवाएंगे। यदि वे भी शामिल हुए तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
ईओ के स्पष्टीकरण मांगने पर सर्वे की कंपनी के कर्मियों की बताई गलती ः इस मामले में आरोपी कर्मी के नाम प्लाट होने और प्रॉपर्टी आईडी में नाम दर्ज होने पर ईओ कुलदीप मलिक ने स्पष्टीकरण भी मांगा था। इस पर स्पष्टीकरण मांगने पर आरोपी कर्मी ने सर्वे की कंपनी के कर्मियों की कमी बताई थी। उसका कहना था कि उसका मोबाइल नंबर सर्वे करने वाली कंपनी के कर्मियों ने डाला था।
नगर परिषद में कार्यरत एक हेल्पर द्वारा सरकार की जमीन को प्रॉपर्टी आईडी में अपने नाम दिखाने का मामले में जांच जारी है। इस जांच के तहत अन्य कर्मचारियों की प्रॉपर्टी आईडी की भी गहनता से जांच करवाई जाएगी। यदि इस आरोपी कर्मी के साथ अन्य कोई कर्मी भी मामले में शामिल मिला तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
- कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद,