संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। स्वीकृत मांगें लागू न होने पर नगरपालिका कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे पुनः हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। संघ के अनुसार, मई माह में की गई दो सप्ताह की राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान सरकार के साथ 17 मांगों पर सहमति बनी थी।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने आश्वासन दिया था कि मांगों को 30 जून तक लागू कर दिया जाएगा लेकिन केवल कुछ मांगों के ही पत्र जारी किए गए हैं। नगरपालिका एसोसिएशन के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 17 में से केवल पांच मांगों से संबंधित पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें स्वच्छता रैंकिंग के आधार पर सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने, बेगार प्रथा समाप्त करने, छंटनी
किए गए कर्मचारियों की बहाली, 1 से 14 मई तक की हड़ताल अवधि का वेतन देने तथा सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों को नियमित करने के लिए रिपोर्ट मंगवाने जैसी मांगें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन पत्रों के बावजूद संबंधित विभागों और नगर निकायों में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और अविश्वास बढ़ रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि 30 जून तक शेष मांगों पर निर्णय लेकर उन्हें लागू नहीं किया गया तो प्रदेशभर में नगरपालिका कर्मचारी संगठन फिर से हड़ताल पर चला जाएगा।
इस दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले सात पार्कों के रखरखाव कार्य से जुड़े कर्मचारियों के समर्थन में धरना भी जारी रखा। धरना पांचवें दिन भी जारी रहा, जिसमें कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह बंद रखते हुए नगर पालिका कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुल नौ कर्मियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते नगरपालिका कर्मचारी। संवाद