संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य स्तरीय आह्वान पर ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान की अध्यक्षता में चंदाना गेट और वाल्मीकि चौक पर नगर पालिका कर्मचारियों ने गेट बैठक व प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उलटी झाड़ू पकड़कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने किया।
प्रदर्शन के दौरान राज्य उपप्रधान राजेन्द्र सिणंद, राज्य मुख्य संगठनकर्ता व एसकेएस जिला प्रधान शिवचरण, एसकेएस जिला सचिव रामपाल शर्मा और केंद्रीय समिति सदस्य जयप्रकाश ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने हरियाणा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में किए गए आश्वासनों पर कोई अमल नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि सफाई और फायर कर्मचारियों की मांगों को लेकर 22 जून को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, 23 जून को कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के आवास नरवाना और 29 जून को विभागीय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए गए थे। उस समय सरकार ने एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।
इस मौके पर महेंद्र कुमार बिड़लान, राजकुमार मंचल, जगदीश कुमार, जिला प्रधान गौरव टांक, पंकज गिल, अमित कुमार, मुकेश कुमार, सूरज सोहोतरा, वर्षा रानी, विधा देवी, सुमेश राणा, काका प्रेमी, सुरेन्द्र कुमार, सुरेश कुमार कैलरम, डिंपल बैद, फायर विभाग से महेंद्र सिंह, सुभाष चंद्र, सुल्तान सिंह, विनोद मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें
सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत पक्का किया जाए।
पोर्टल पर हाजिरी प्रणाली बंद की जाए।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार शहरी व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 27,000 रुपये वेतन का आदेश जारी किया जाए।
फायर विभाग में 2268 स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत 1340 पेरोल कर्मचारियों को मर्ज कर समान काम-समान वेतन लागू किया जाए।
2018, 2022 और 2024 में मानी गई मांगों पर परिपत्र जारी किए जाएं।
आगामी आंदोलन की रूपरेखा
10-11 सितंबर: सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
26 सितंबर: जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर उपायुक्तों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
18 अक्तूबर: हजारों की संख्या में सफाई, फायर, कार्यालय व ग्रामीण सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। समाधान न मिलने पर वहीं से राज्य स्तरीय बड़े आंदोलन की घोषणा होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।