ढांड (कैथल)। भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट के कार्यालय में शुक्रवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने शिरकत की। उन्होंने एकबार फिर दोहराया कि सभी किसान संगठनों को एक होकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा किसानों के हित में एकजुटता आवश्यक है और शर्तों के आधार पर आंदोलन नहीं किए जा सकते।
चढ़ूनी ने कहा कि पंजाब के कुछ सगठनों ने शर्त रखी थी कि आंदोलन में शामिल होने के बाद उन्हें राजनीति में नहीं उतरना होगा, जो सही नहीं है। किसानों के हित में सदन से सड़क तक आवाज उठानी होगी। आंदोलन के जरिए किसान अपना हक मांग रहे हैं। साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि सरसों की फसल एसएसपी से 1500 से 1800 रुपये कम पर बिक रही है। ऐसे में सरकार भावांतर योजना के तहत किसानों के नुकसान की भरपाई करे। इसके साथ ही गेहूं का भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए, अन्यथा भाकियू आंदोलन के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि मांगों के लिए दिल्ली कूच कर रहे किसानों को शंभू और खनौरी-पातड़ा बॉर्डर पर किसानों से हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार गलत व निंदनीय है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट, कार्यकारी जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल, कृष्ण कौल, कुडा राम पबनावा, भीम खनौदा, पिरथी कौल, गुरुमुख फरल, परमजीत फरल, स्वर्ण सिंह, रणजीत फतेहाबाद मौजूद रहे।