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Kaithal News: प्रदेश में संस्कृत की स्थिति सुधारने पर दिया जोर

Sat, 20 Jul 2024 05:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार संरक्षण एवं संवर्धन में जुड़े संस्कृत भारती हरियाणा संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को संगठन के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर दत्त के नेतृत्व में चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर हरियाणा में नौवीं व 10वीं कक्षा में त्रिभाषा सूत्र लागू करने पर बल दिया। उन्होंने हरियाणा राज्य में संस्कृत की स्थिति को सुधारने पर भी जोर दिया।

संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि एनएसक्यूएफ के विषयों को भाषा के विकल्प से हटाकर स्वतंत्र विषय के रूप में पढ़ाया जाए। संस्कृत जीवन मूल्यों से जुड़ा हुआ विषय है, जिसकी वर्तमान में सबसे ज्यादा आवश्यकता है। एनएसक्यूएफ के कारण संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बहुत कमी आई है। विद्यालय स्तर पर ही संस्कृत नहीं पढ़ी जाएगी तो हरियाणा सरकार द्वारा संस्कृत संरक्षण के लिए स्थापित संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यार्थी उपलब्ध हो पाना बेहद कठिन है।भारतीय शिक्षा नीति 2020 में संस्कृत की अनिवार्यता पर विशेष बल दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में भारत की शास्त्रीय भाषाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि संस्कृत भारतीय ज्ञान प्रणालियों का खजाना है। हरियाणा हजारों वर्षों से संस्कृत का केंद्र रहा है । हरियाणा की इसी धरा पर महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना की व भगवान श्री कृष्ण द्वारा वैश्विक ग्रन्थ श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया गया।

उन्होंने कहा कि संस्कृत की प्रमुख भूमिका निभाने वाले हरियाणा में संस्कृत को वैकल्पिक नहीं, त्रिभाषा सूत्र का अनुपालन करते हुए पढ़ाया जाए। शिक्षा बोर्ड भिवानी में, एससीआरटी गुरुग्राम में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में शैक्षणिक अधिकारी व विषय विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाए।
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राज्य में संचालित गुरुकुल व संस्कृत विद्यापीठ जिनकी मान्यता, सह संबद्ध था हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से है उनको यू-डाईज-कोड प्रदान किया जाए। जबकि मदरसा यू-डाईज-कोड की श्रेणी में है, लेकिन गुरुकुल इस श्रेणी में नहीं हैं। इस अवसर पर संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार एवं प्रांत सह मंत्री ईशम सिंह आदि मौजूद रहे।
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