बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर लगाए गए एस्मा के विरोध में शहर में बिजली कर्मचारी यूनियन की ज्वाइंट एकशन कमेटी द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया। कर्मचारी पहले जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। जहां से हाथों में मशाल लेकर पुराना बस अड्डा, छात्रावास रोड, मेन बाजार सहित शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से निकले। कर्मचारियों ने सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने एवं निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने की नीतियों का विरोध किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार एक ओर तो विभाग का निजीकरण कर रही है। दूसरी ओर एस्मा जैसे कानून का सहारा लेकर कर्मचारियों का दमन कर रही है। लेकिन कर्मचारी इस दमनकारी नीति के आगे नहीं झुकेंगे। इसमें सर्व कर्मचारी संघ व हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने भी भाग लिया। कर्मचारी नेता सतपाल राविश, सतबीर गोयत, बलबीर सिंह, सुरेश कुमार, सतबीर गोयत, जसबीर सिंह, जरनैल सिंह, शिवचरण, गांधी, विमल, पहल सिंह, शमशेर सिंह, शमशेर मलिक आईटीआई, ओमपाल, दिलबाग सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने विचार रखे।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने किया समर्थन
बिजली कर्मचारियों द्वारा आगामी 29 जून से की जाने वाली 2 दिवसीय हड़ताल का स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने समर्थन किया है। उन्होंने एस्मा जैसे कानून पर कड़ा विरोध जताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित हुई गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारी नेताओं ने मौजूद लोगों को भी कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की। सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान विजेंद्र मोर, सचिव अजित सिंह व बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उचाना ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को दबाने के लिए ही सरकार ने एस्मा लगाने का कार्य किया।
माकपा ने किया हड़ताल का समर्थन :
भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मंडल ने बिजली कर्मचारियों की निजीकरण के विरोध में की जा रही हड़ताल का समर्थन किया है। राज्य सचिव का. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली आपूर्ति में बड़ी गड़बड़ी की जा रही है। जिसकी जांच होनी चाहिए।
एस्मा की बजाए कर्मचारियों से बात करे सरकार : सुरजेवाला
कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार उनसे बातचीत करे। एस्मा लगाकर उनका दमन करने की बजाए बातचीत से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। एक ओर तो सरकार कर्मचारियों से उनके रोजगार छीनने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर एस्मा लगाकर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान किया जाए।