निजीकरण के विरोध में गेट मीटिंग के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी। विज्ञप्ति
राजौंद। बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बुधवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बिजली निगम के सब-डिवीजन राजौंद परिसर में रोष गेट मीटिंग की गई। सुबह नौ से 11 बजे तक चली मीटिंग की अध्यक्षता अश्विनी ढांडा ने की जबकि मंच संचालन सुखदेव शर्मा ने किया। इस दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नूंह और गुरुग्राम में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले का विरोध किया।
कर्मचारियों ने एचईआरसी और बिजली संबंधी पर्चियां जलाकर रोष जताया। उन्होंने घोषणा की कि 22 से 24 अक्तूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल किसी कर्मचारी हित से जुड़ी मांग के लिए नहीं बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण जनहित में नहीं है। कर्मचारियों ने आम जनता से हड़ताल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की और सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि निजीकरण के विरोध में संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर मुकेश कोटड़ा, प्रवीण कोटड़ा, रोहताश शर्मा, अनिल लाला, ऋतु, अमित, विकास, हरदीप, सुनीता, सुनील और निशा पंचाल सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
निजीकरण के विरोध में गेट मीटिंग के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी। विज्ञप्ति