बिजली निगम के साथ दो मामलों में करीब 7 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। एक ठेकेदार ने कैथल शहर में मॉडल टाउन में तारें बिछाने के नाम पर एग्रीमेंट कर लिया, लेकिन तारें नहीं बिछाई। वहीं दूसरे मामले में ठेकेदार ने बिजली की तारों के माध्यम से विभाग को 4 करोड़ से अधिक का चूना लगाया। पुलिस ने दोनों ही मामलों में अलग-अलग केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
पहले मामले में थाना शहर में नई दिल्ली की एक फर्म के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पंचकुला के बिजली निगम के एसई कंस्ट्रक्शन संजीव कुमार मेहता ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को मामले की शिकायत दी थी। शिकायत में एससी ने बताया कि नेताजी सुभाष पैलेस नई दिल्ली की फर्म एमएस देव इंफोकॉम लिमिटेड ने मॉडल टाउन जींद रोड कैथल में बिजली की लाइन बिछाने के लिए निगम के साथ करार किया था। इसकी एवज में निगम से फर्म को पैसे का भुगतान कर दिया, लेकिन फर्म ने अपना काम पूरा नहीं किया गया। इसके बाद संबंधित फर्म को पैसे वापस लौटाने के लिए नोटिस भेजे। कई नोटिस भेजने के बाद भी पैसे वापस नहीं आए। आरोपी कंपनी ने बिजली निगम के विश्वास को तोड़ते हुए निगम के 3 करोड़ 15 लाख 81 हजार रुपये हड़पे हैं।
शहर थाने के अधीन आने वाली अनाज मंडी चौकी के इंचार्ज रामभज ने बताया कि एसई की शिकायत पर धारा 406 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
तारों के बंद बंडल दिखाकर करवा ली पेमेंट
बिजली निगम का काम करने वाले एक ठेकेदार ने निगम को लगभग चार करोड़ का चूना लगा दिया। इस बारे में पूंडरी पुलिस को दी शिकायत में बिजली निगम के एसडीओ रविंद्र मित्तल ने कहा है कि %