कैथल। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में जिलेभर में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर दिखाई दिया। हड़ताल के पहले दिन 50 से अधिक गांवों और कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कई स्थानों पर पांच से छह घंटे तक बिजली गुल रही जबकि चीका के चार वार्डों में साढ़े सात घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। गुहला चीका में बिजली न होने के कारण रात के समय अंधेरा छाया रहा।
बिजली निगम के अनुसार जिले में बिजली संबंधी करीब 1027 शिकायतें पहुंचीं। एक्सईएन, एसडीओ और जेई समेत 1519 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शिकायतों के समाधान और विभागीय कामकाज पर असर पड़ा। बिजली गुल होने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं के कामकाज पर भी असर पड़ा।
समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर निगम कार्यालय पहुंचे लोगों को कई जगह निराशा हाथ लगी। शिकायत केंद्रों पर पुलिसकर्मियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं। वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रोविजनल आधार पर कार्यरत चार एसडीओ और एसई ने काम संभाला। कुछ स्थानों पर ठेकेदारों के माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए गए। हड़ताल के पहले दिन कैथल में बिजली कर्मचारियों ने छात्रावास रोड से पिहोवा चौक स्थित कार्यालय तक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पूंडरी में 16 फीडरों पर असर, ग्रामीणों ने किया कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन
पूंडरी। 132 केवी बिजली स्टेशन का फीडर ब्रेकडाउन होने के कारण इससे जुड़े 16 फीडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई। क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे बिजली गुल हुई और वीरवार शाम पांच बजे तक कई स्थानों पर आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। बिजली नहीं होने से पेयजल संकट भी गहरा गया। लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी हुई जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया।
गांव डीग में ग्रामीणों ने पावर हाउस पहुंचकर बिजली निगम के कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई जगह ग्रामीणों ने खुद ही फीडर चालू कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया। पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा भी पावर हाउस पहुंचे और निजी कर्मचारियों की मदद से बिजली आपूर्ति शुरू करवाने का प्रयास किया। विधायक ने दावा किया कि हलके की करीब 80 प्रतिशत बिजली बहाल करवा दी गई है और शेष क्षेत्रों में भी जल्द आपूर्ति शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक ने कहा कि कर्मचारियों को हड़ताल करने का अधिकार है लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पावर हाउसों में जानबूझकर फॉल्ट किए गए। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। पाई गांव में सुबह 10 बजे के बाद बिजली नहीं है।
कलायत में कार्यालय पर ताला, मीटर और बिल की समस्या लेकर पहुंचे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बिजली निगम के कार्यालयों पर ताले लटके होने से अपने काम के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। गांव बालू, बात्ता, मटौर, कैलरम और दुमाड़ा सहित कई गांवों में सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा। गांव बालू निवासी नसीब ने बताया कि वे मीटर लगवाने के लिए तीन महीने से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वीरवार को वे मीटर लगवाने और गांव में बिजली गुल होने की शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन कार्यालय बंद मिला। बुजुर्ग महिला प्रेम देवी ने बताया कि उनके घर में केवल दो बल्ब जलते हैं। इसके बावजूद करीब 25 हजार रुपये का बिजली बिल आया है। वह बिल की समस्या के समाधान के लिए कार्यालय पहुंची थीं लेकिन उन्हें भी निराशा हुई।
गांव रामगढ़ निवासी पंचलू राम ने स्मार्ट मीटर पर ग्रामीणों की चिंताओं का जिक्र किया जबकि गांव भालंग निवासी सेवा सिंह ने बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर सवाल उठाए। गांव बालू निवासी गुरुदेव ने बताया कि उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए टोल फ्री नंबर पर कई बार फोन किया। बाद में उपायुक्त की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के करीब पांच मिनट बाद गांव की बिजली आपूर्ति शुरू हो गई।
चीका के चार वार्डों में साढ़े सात घंटे बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला-चीका में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। शहर के वार्ड नंबर तीन, चार, पांच और छह में सुबह नौ बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही। शाम सात बजे तक बिजली बहाल नहीं होने से घरेलू कामकाज के साथ दुकानदारों को भी परेशानी हुई। रात के समय शहर में अंधेरा छा गया। बिजली पर निर्भर उपकरण बंद रहने के कारण कारोबार प्रभावित हुआ। कुछ दुकानदारों को काम चलाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। इस बीच बिजली कर्मचारी चीका बिजली घर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता अनुबंधित कर्मचारी संघ के मुख्य सलाहकार अभिषेक शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन यूनिट प्रधान संदीप सैनी ने किया। कर्मचारियों ने निजीकरण संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
एसडीओ महेंद्र सिंह ने बताया कि चीका में बिजली बंद होने की सूचना मिली है। लाइन ठीक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को स्थानीय बिजली लाइनों की जानकारी कम होने के कारण खराबी दूर करने में दिक्कत आ रही है।
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नए कनेक्शन और बिल सुधार का काम भी प्रभावित
हड़ताल का असर बिजली आपूर्ति के अलावा विभागीय सेवाओं पर भी पड़ा। नए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन जारी करने, कनेक्शन का लोड बढ़ाने, बिलों में त्रुटियां ठीक करने, खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और नई लाइनें बिछाने जैसे कार्य प्रभावित हुए। कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में भी देरी हुई।
एसई बिजली निगम भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली संबंधित समस्या नहीं आने दी जाएगी। चार एसडीओ व खुद फील्ड में उतरे हुए हैं।
पूंडरी पावर हाउस में बिजली व्यवस्था की जानकारी लेते विधायक सतपाल जांबा।
पूंडरी पावर हाउस में बिजली व्यवस्था की जानकारी लेते विधायक सतपाल जांबा।
पूंडरी पावर हाउस में बिजली व्यवस्था की जानकारी लेते विधायक सतपाल जांबा।
पूंडरी पावर हाउस में बिजली व्यवस्था की जानकारी लेते विधायक सतपाल जांबा।
पूंडरी पावर हाउस में बिजली व्यवस्था की जानकारी लेते विधायक सतपाल जांबा।