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50 साल पहले लगे थे तार, समस्या ज्यों की त्यों..

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17-कैथल। मेन बाजार में फैला हाई टैंशन तारों का जाल। - फोटो : Kaithal
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शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाके में निगम की लापरवाही का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के मुख्य बाजार से लेकर रेलवे गेट तक दुकानों की छतों के पास से गुजर रहे हाइटेंशन बिजली के तार और उनके जाल बड़े हादसों को बुलावा दे रहे हैं। लेकिन इस पर निगम के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं।
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लोहे के एंगल से हादसें का ज्यादा डर:
दुकानदार राहुल ठकराल ने कहा कि बाजार में चौराहे के ऊपर लोहे के एंगल लगाकर उससे बिजली के तार बांधे गए हैं। रोजाना हर तरफ जाने वाले सैकड़ों पैदल और दोपहिया वाहन चालक इनके नीचे से आते व जाते हैं। तारों के स्पार्किंग होने से कभी भी बड़ा हादसों हो सकता है। जिससे आम लोगों को खतरा है।
दुकानों की छतों को छू रहे तार:
दुकानदार अनिल कुमार ने कहा कि तारों का जाल इतना ज्यादा है कि यह समझ नहीं सकते कि कौन से तार का कनेक्शन किस दुकान के साथ जुड़ा है। चौराहे पर होने के कारण ये एंगल बाजार में चारों तरफ जाने वाली गलियों में बनी दुकानों की छतों को छू रहे हैं। तेज हवा आने पर खतरा और भी बढ़ जाता है।
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हाइटेंशन तारों के बने जाल:
दुकानदार सचिन धमीजा ने कहा कि तलाई बाजार की मुख्य गली में हाइटेंशन तारों के जाल अधिक होने के कारण खतरा अधिक रहता है। यहां गली में ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली तार गुजर रहे हैं। रोजाना की तरह सैकड़ों वाहन चालक गली से गुजरते हैं। इनसे निकलने वाली मामूली चिंगारी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
50 वर्षों से स्थिति ज्यों की त्यों:
दुकानदार नवीन कुमार ने कहा कि दुकानों के साथ से गुजर रहे तार करीब 50 वर्ष से इसी स्थिति में हैं। इन्हें विभाग की ओर से जर्जर होने की स्थिति में बदल तो दिया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान करना मुश्किल साबित हो रहा है। यहां जगह की कमी होने के कारण भी इन्हें किसी दूसरी जगह पर नहीं बदला जा सकता। उन्होंने विभाग से वैकल्पिक व्यवस्था के लिए यहां प्लास्टिक कोटेड तार लगाने का भी सुझाव दिया है।
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