कैथल। गुहला क्षेत्र के एक गांव में मारपीट और रास्ता रोकने के मामले में अदालत ने आठ आरोपियों को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और चश्मदीद गवाह अपने बयानों से मुकर गए। दोनों ने अदालत में कहा कि उनके साथ अज्ञात लोगों ने मारपीट की थी। गुहला के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजविंदर सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया।
मामले के अनुसार 20 अक्तूबर 2025 को गुहला क्षेत्र के एक गांव में दादा खेड़ा के पास आजाद सिंह और उनके भाई मनजोत सिंह के साथ मारपीट हुई थी। शिकायत में आरोपियों पर रास्ता रोकने, मारपीट करने और ईंट-पत्थर फेंकने के आरोप लगाए गए थे। गुहला थाना पुलिस ने 22 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और चश्मदीद मनजोत सिंह ने आरोपियों के खिलाफ गवाही नहीं दी। दोनों ने कहा कि अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। अदालत ने मुख्य गवाहों के बयान और साक्ष्यों के अभाव में मनदीप सिंह, निखिल सिंह, बलजीत सिंह, अमरीक सिंह, भाना राम, हरविंदर सिंह उर्फ हरमन, जसकरण और अर्शदीप सिंह को बरी कर दिया।