नगर परिषद का कार्यकाल इस माह की 21 तारीख को खत्म हो रहा है। इन 17 दिनों में पार्षदों ने नगर परिषद की आम सभा बुलाए जाने की मांग की है। म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 25 के तहत यह नोटिस देते हुए पार्षदों ने ईओ नगर परिषद व कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा को ज्ञापन सौंपा। ईओ का कहना है कि नियमानुसार विचार कर बैठक बुलाए जाने पर फैसला लिया जाएगा। बैठक का जो एजेंडा दिया गया है, उसमें सात में से तीन एजेंडे डोर टू डोर के टेंडर से जुड़े हैं। टेंडर लेने वाली एजेंसी का कहना है कि काम नियमानुसार हो रहा है।
शुक्रवार को पार्षद गौरव कुमार, किरण रानी, विनोद सोनी, विरेंद्र कुमार बिल्लू, मोहन लाल शर्मा, संजय कुमार, शशि किरण, महिंद्रों रानी, रेखा व कुलदीप सहित 15 से अधिक पार्षदों ने हस्ताक्षर कर ईओ व कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा को ज्ञापन दिया। जिसमें एमसी एक्ट की धारा 25 के तहत जल्द से जल्द बुलाए जाने की मांग की। एजेंडे में सात में से तीन एजेंडे डोर टू डोर से जुड़े हुए हैं।
पार्षदों ने बैठक के लिए रखे गए एजेंडे में अगस्त 2020 में हुए डोर टू डोर के टेंडर पर विचार विमर्श करने बारे, नगर परिषद कैथल द्वारा डोर टू डोर के लिए 1 दिसंबर 2021 से 31 मई 2021 तक की गई अदायगी पर विचार-विमर्श करने बारे, डोर टू डोर टेंडर की एनजीटी व नगर परिषद की तय शर्तों के अनुसार काम नहीं हो रहा है तो टेंडर को रद्द करने बारे, शहर में खराब पड़ी लाइटों पर विचार-विमर्श करने बारे, नगर परिषद की सीमा के अंदर आगामी विकास कार्य पर चर्चा करने बारे व सीएम द्वारा की गई घोषणा अनुसार दिए गए अैंडरों पर विचार विमर्श करने बारे बैठक बुलाए जाने की मांग की गई है।
इस संबंध में ईओ बलबीर सिंह ने कहा कि बैठक के संबंध में कोरोना महामारी को देखते हुए नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। सात जून तक लॉकडाउन लगा है। इसके बाद सरकार क्या अनुमति देती है, उसी अनुसार फैसला लिया जाएगा।
दूसरी ओर डोर टू डोर का टेंडर लेने वाली एजेंसी के बलबीर प्रजापति ने कहा कि डोर टू डोर के टेंडर में नियमानुसार काम किया जा रहा है। परिषद कार्यालय में एक शिकायत केंद्र भी खोला गया है। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वहां सूचना दे सकता है। शहर से कचरा उठान का काम सुचारु रूप से नियमानुसार किया जा रहा है। कुछ लोग टेंडर लेने के दस दिन बाद ही शिकायत करने लगे थे, क्योंकि वे खुद टेंडर लेना चाहते थे।