संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में अब पराली जलाने के मामले कम होने लगे हैं। बुधवार को तीसरे दिन भी पराली जाने की कोई लोकेशन नहीं मिली है। हालांकि इसके बावजूद किसानों पर जिला प्रशासन की सख्ती जारी है। इसके तहत ढांड में दो और किसानों को गिरफ्तार किया। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले मेंं 18 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ढांड संवाद के अनुसार, सरकारी आदेशों की अवहेलना करके धान के अवशेष जलाने के अलग-अलग दो मामलों में दो किसान गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना ढांड पुलिस के एचसी संदीप कुमार की टीम ने जांच दौरान पबनावा और जडौला से इन किसानों को गिरफ्तार किया है। कृषि अधिकारी की शिकायत के अनुसार इन आरोपियों ने पराली के अवशेष जलाकर सरकारी आदेशों की अवहेलना की गई थी। ढांड थाना में ये मामले दर्ज किए गए।
गौरतलब है कि अब तक 22 एफआईआर भी दर्ज की जा चुके है। इसके साथ ही चार किसानों की और रेड एंट्री की। अब तक जिले के कुल 72 किसानों की रेड एंट्री की जा चुकी है यानि ये किसान अगले दो सीजन तक सरकारी दाम के अपनी फसल नहीं खरीद पाएंगे। जिले में अब तक पराली जलाने के 127 मामले आ चुके हैं। वहीं अब तक कृषि विभाग के कुल 42 कर्मियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
इसके अलावा मंगलवार को ही तीन सुपरवाइजरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड किया गया था। जिले में दो लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें कि जिले में बढ़ रहे पराली जलाने के मामले के बाद से जिला प्रशासन ने काफी सख्ती की थी। इसके बाद धड़ल्ले पराली जलाने वाले किसानों पर पहले एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक 72 किसानों की रेड एंट्री की गई है। इसे पोर्टल पर भी चढ़ा दिया गया है। पराली जलाने के मामले में जिला प्रशासन की लगातार सख्ती है। बताया कि अभी तक करीब दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। उधर, एसपी राजेश कालिया ने भी किसानों से अपील की गई कि कोई भी पराली के अवशेष ना जलांए।
सुबह दिखा स्मॉग, छठे दिन 200 से नीचे आया एक्यूआई
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बुधवार को छठे दिन वायु प्रदूषण का स्तर 200 से नीचे पहुंच गया है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 193 पर पहुंच गया है। अब वायु प्रदूषण का स्तर कम होने से थोड़ी राहत मिली है। दो दिन पहले जिले में गत शनिवार को देश में सबसे ज्यादा वायु गुणवत्ता सूचकांक 372 दर्ज किया गया था। फिलहाल वायु प्रदूषण का स्तर 200 से नीचे आने से हवा के और कम प्रदूषित होने का अनुमान है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है प्रदूषण कम करने के लिए लगातार बोर्ड की ओर से कार्य किए जा रहे हैं।
आंखों की ओपीडी पहुंची 200 पार
जब से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तब से जिला नागरिक अस्पताल में आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी भी लगातार बढ़ रही है। बुधवार को भी अस्पताल में हुई आंखों की ओपीडी 200 से अधिक रही। इसके साथ ही सांस के मरीजों का मर्ज भी बढ़ने लगा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से अधिक सांस के मरीज भी चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अस्पताल में भी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। आंखों और सांस के मरीज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किसी भी सूरत में खेतों में पराली न जलाएं। इससे आंखों और सांस की बीमारी लगातार बढ़ती है।