जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छठी में प्रवेश के लिए शनिवार को जिले भर में परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। इस परीक्षा के लिए कैथल सहित कलायत, पूंडरी, गुहला-चीका, राजौंद व पूंडरी में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमें नकल रोकने की जांच के लिए नवोदय विद्यालय स्टॉफ सहित शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई।राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चीका में जवाहर नवोदय के प्रवेश हेतु परीक्षा का आयोजन सफल रूप से सम्पन्न हुआ। तहसीलदार विजय मोहन सियाल ने बताया कि इस परीक्षा के लिए 353 बच्चों ने आवेदन किया था, जिसमें से 284 बच्चों ने जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए परीक्षा दी। खंड शिक्षा अधिकारी गोपी चंद निंबराण ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण रही, जिसमें केन्द्र अधीक्षक सुरेंद्र कुमार गोयल ने पूर्ण निष्ठा से अपनी डयूटी की।
राजौंद में भी हुआ परीक्षा का आयोजन
राजौंद। नगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक व कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नवोदय विद्यालय के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा खंड शिक्षा अधिकारी दलीप सिंह की देखरेख में आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि रावमावि स्कूल में 332 बच्चों ने परीक्षा देनी थी, जिनमें 284 बच्चों ने परीक्षा दी जबकि 48 अनुपस्थित रहे। इसी तरह राजकीय कन्या विद्यालय में 322 बच्चों में से 275 बच्चों ने परीक्षा दी जबकि 47 बच्चे परीक्षा में नही पहुंचे। परीक्षा केंद्र का निरीक्षण नायब तहसीलदार नरेश कुमार व नवोदय प्रधानाचार्या द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि परीक्षा शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रधानाचार्य रूपचंद ने सफल परीक्षा आयोजन के लिए स्कूल स्टाफ को बधाई दी। इस दौरान मुख्याध्यापक रणबीर राणा, सुरेश कुमार, कविता ग्रोवर सहित स्टाफ मौजूद था।
कलायत में 1057 बच्चों में से 779 बच्चों ने दी परीक्षा
कलायत। जवाहर नवोदय विद्यालय में छठी कक्षा में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए कलायत के सरकारी स्कूलों में परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा शुरू होने के साथ ही परीक्षार्थी बच्चों व ड्यूटि पर तैनात शिक्षकों के अलावा किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र में जाने की इजाजत नहीं थी। तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई व खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद के साथ स्टाफ के सदस्यों द्वारा परीक्षा केंद्रों के कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय में केवल कक्षा छह में ही छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। यहां 1057 बच्चों को रोल नंबर जारी किए गए थे जिनमें से 779 बच्चों ने प्रवेश लेने के लिए परीक्षा दी।