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अभिभावकों ने की लूट से बचाने की मांग

Tue, 12 Apr 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल।
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कैथ्‍ाल - फोटो : अमर उजाला
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निजी स्कूलों संचालकों द्वारा एडमिशन फीस सहित अनावश्यक फंडों के माध्यम से की जा रही वसूली के विरोध में अभिभावकों ने सोमवार को डीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। लोगों ने अभिभावकों से इस अवैध वसूली को रोकने की मांग की है।
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डीईओ कार्यालय पहुंचे लोगों में शामिल माफी, मीना, राजेश मलिक, सज्जन, डा. राजिंद्र, मदन लाल, मोहिंद्र, गुलाब सिंह, बलवान, संदीप, गुरविंद्र, गुरदेव ने बताया कि जो किताब निजी स्कूल संचालक लिखवाते हैं। वे केवल एक ही दुकान पर मिलती हैं। पूरे शहर में वह किताब नहीं मिलती है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल संचालक किताबों के अनुसार पैसे नहीं ले रहे है। वे किताबों का एक सैट बनाकर उसके 3300 से 3600 रुपये सीधे तौर पर मांग रहे है।

लाखों रुपये की कमीशन खोरी का है धंधा:-
अभिभावकों ने बताया कि जो किताबें 500 से 700 रुपये में आ सकती हैं। निजी स्कूल संचालक 3300 से 3600 रुपये में दे रहे है। एडमिशन फीस व अवैध फंडों से भी अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि पेंशन से लेकर बैग, किताब, वर्दी, डायरी सभी में कमीशन खोरी है।
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ना दुकानदार है, ना रजिस्टर्ड फर्म है, ना ही किताबों का मिला बिल है:-
अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूल संचालक ऐसी जगह से किताबें लाने के लिए कहते है जो कोई दुकान नहीं है। ना ही कोई बिल मिलता है। ना ही किसी के पास सेल टेक्स नंबर है। सीधे किताबों के सैट देकर अभिभावकों को लूटा जा रहा है।

दुकान बंद करके चला गया दुकानदार-
अभिभावकों ने बताया कि एक स्कूल ने एक दुकानदार का पता दिया हुआ था। जो बिना बिल कि ही किताबें दे रहा था। जिसकी शिकायत उन्होंने एक्साइज विभाग को की है। इसके बाद से ही दुकानदार दुकान बंद के फरार है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल संचालक फंडो, एडमिशन फीस, किताबों में खूब गोलमाल कर रहे है।

जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि कुछ अभिभावक उनसे मिले थे। उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में स्टाल लगाकर किताबें बेचना व एक ही दुकान से अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए विवश करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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