संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। गुहला उपमंडल के गांव स्यू माजरा स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश की 12वीं की परीक्षा में टॉप करने वाले अर्पणदीप सिंह को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि अर्पणदीप सिंह ने प्रदेश में टॉप करके साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से उसे एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की।
इससे पहले उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने स्यू माजरा के सरकारी स्कूल के छात्र और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा के टॉपर खेड़ी दाबन गांव निवासी अर्पणदीप को सम्मानित कर स्कूल स्टाफ, परिजनों एवं ग्रामीणों को बधाई दी।
अपने संबोधन में उन्होंने अर्पणदीप का हौसला बढ़ाया। साथ ही कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाएं हैं। जरूरत बस इस बात की है कि युवाओं के अन्दर छुपी प्रतिभा को बाहर निकालने व उसे तराशने वाला कोई हो। उन्होंने कहा कि स्यू माजरा के सरकारी स्कूल के अध्यापकों ने यह काम दिखाया है। उन्होंने दौरे के दौरान स्कूल भवन का निरीक्षण किया और स्कूल के भव्य भवन व सफाई आदि की उचित व्यवस्था को जांचा। इस दौरान चेयरमैन ने स्कूल में पौधा रोपण भी किया। इससे पहले स्कूल प्रिंसिपल व ग्रामीणों डॉ. पवन कुमार का भव्य स्वागत किया।
बदनामी झेल चुके खेड़ी दाबन के दामन को किया साफ
उन्होंने कहा कि अर्पणदीप ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके नशे को लेकर काफी बदनामी झेल चुके खेड़ी दाबन के दामन पर लगे धब्बों को साफ करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अर्पण के माता पिता भी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं और उनका परिवार भी मध्यमवर्गीय व साधारण है परंतु अर्पणदीप ने हरियाणा टॉप कर यह साबित कर दिया कि यदि कोई व्यक्ति अपने मन में कोई लक्ष्य ठान ले, तो उसे प्राप्त करना कोई मुश्किल कार्य नहीं है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भी अर्पण की तरह मेहनत व लगन से पढ़ाई करके व नशों से दूर रहकर खेलों व शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे शिक्षा की दुकान बनें प्राइवेट स्कूलों की तरफ आकर्षित न हों और ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाएं, ताकि उनका उज्ज्वल भविष्य बन सके।