संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गणेश चतुर्थी पर स्थापित की गई भगवान गणेश की प्रतिमाओं का मंगलवार को विसर्जन किया गया। इस दौरान ‘अगले बरस तू जल्दी आ...’ गूंंज उठा। ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालु जमकर झूमे।
इस दौरान पूरा शहर गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया के जयकारों से गूंज उठा। शहर में 10 दिन से विभिन्न कॉलोनियों में गणेश महोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, जो मंगलवार को संपन्न हुए।
शहर के सीवन गेट, प्रताप गेट, खरादिया मोहल्ला, डोगरा गेट और सर्राफा बाजार में मुख्य रुप से गणेश महोत्सव आयोजित किया गया। इसी कड़ी में गणपति सेवा मंडल की तरफ से शहर के सर्राफा बाजार में पिछले 10 दिन से मनाया गणपति महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया।
नगर में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर तीर्थ में विसर्जन किया गया। इससे पहले मंडल की तरफ से हवन किया।
इसमें शहरवासियों ने आहुति डाली। मंडल के प्रधान राकेश वर्मा, सोनू वर्मा, राजेश वर्मा, राजकुमार वर्मा, रोहित सर्राफ, अनीश गुप्ता, राजन वर्मा, राकेश सर्राफ, भगवान दास, विक्की वर्मा, अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि समापन समारोह को भी उत्साह के साथ मनाया गया। हवन किया। इसके बाद नगर में शोभायात्रा निकाली गई।
इसमें कई झांकियां भी शामिल थी। इसमें माता काली, शिव के गण, राधा-कृष्ण, शिव परिवार की झांकियां निकाली गई। इसमें मुख्य विशेषता ये रही कि मुंबई से स्पेशल बैंड आया हुआ था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा में भक्त भगवान गणपति के भजनों पर थिरकते नजर आए।
स्कूल में मनाया कार्यक्रम
राजौंद। विवेकानंद विद्यालय भवन में आचार्य मनीष शास्त्री के सानिध्य में चतुर्थी के दिन भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद मंगलवार को 10 दिन की पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद विसर्जन किया। इस दौरान गणेश वंदना के बाद झांकी निकाली गई।
प्रधानाचार्य रूप कृष्ण भट्ट ने बताया, गणेश विसर्जन समारोह हमें भगवान गणेश की शिक्षाओं को याद दिलाता है और हमें जीवन में सच्चाई और निष्ठा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
इस दौरान पर ढोल बजाकर नाचते हुए श्री गणेश जी को विदाई दी तथा भजन-कीर्तन और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के अंत में भगवान गणेश की मूर्ति को विसर्जन के लिए ले गए। विसर्जन स्थल पर विद्यार्थियों ने पूजा-अर्चना की और भगवान गणेश को विदाई दी।
शोभायात्रा के साथ किया विदा
नगर में कई स्थानों पर स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का मंगलवार को विसर्जन किया गया। डॉ. राम निवास शर्मा ने बताया कि गणपति विसर्जन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत ही गहरा है। यह प्रक्रिया भगवान गणेश के प्रतीक के रूप में जीवन चक्र का प्रतिनिधित्व करती है जो सृष्टि के पालन और विलय का चक्र है। विसर्जन यह दर्शाता है कि जीवन में सब कुछ अस्थायी है। समय के साथ हर चीज को प्रकृति में वापस जाना होता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूर्ण समर्पण के साथ भगवान गणपति की सेवा की और पूजा अर्चना की। संवाद